पुलिस के हाथों पिटे पासधारक जल संस्थान कर्मी।
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बांदा। लॉकडाउन के नाम पर सड़कों पर अपनाए जा रहे पुलिस के कड़े रवैए से जरूरतमंद और आम लोगों तथा विशेष सेवाओं में जुटे सरकारी कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। पुलिस की ऐसी ही ताजी घटना में क्षेत्रीय विधायक के निर्देश पर खराब पड़े हैंडपंप सुधार रहे जल संस्थान कर्मियों को पुलिस ने बुरी तरह पीट दिया। उनके जिस्म पर पिटाई के निशान उभर आए। जल संस्थान कर्मियों के पास अधिकार पत्र (पास) भी था। आक्रोशित जल संस्थान कर्मियों ने हैंडपंपों और पाइप लाइन आदि का काम बंद कर दिया है। ऐसे में शहर में पेयजल संकट पैदा हो सकता है।
जल संस्थान के हैंडपंप मैकेनिक जुबैर अहमद द्वारा जल संस्थान अधिशासी अभियंता, जलकल अभियंता और अवर अभियंता सहित मंडलायुक्त, डीएम, जल संस्थान महाप्रबंधक तथा बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी को दिए पत्र में कहा है कि विधायक के निर्देश पर बांदा शहर में खराब पड़े सार्वजनिक हैंडपंपों को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। इसमें लगाए गए कर्मियों को पास जारी हुए हैं। कहा कि मंगलवार को क्योटरा में खराब पड़े हैंडपंप को दुरुस्त करने गए मजदूर कर्मचारी पिंटू को यातायात पुलिस के वाहन में पुलिस कर्मियों ने बिना कुछ पूछे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। बेरहमी से डंडे चलाए। कर्मचारी के हाथ-पैर और पेट आदि में गंभीर चोट आई। इसके पहले 3 अप्रैल को भी अतर्रा चुंगी में हैंडपंप की मरम्मत को जा रहे कर्मचारियों को रोक लिया गया था।
विधायक प्रतिनिधि रजत सेठ के हस्तक्षेप के बाद उन्हें हैंडपंप की मरम्मत के लिए जाने दिया गया था। जल संस्थान मैकेनिक ने कहा है कि इन परिस्थितियों में उनके कर्मियों ने हैंडपंपों की मरम्मत का काम बंद कर दिया है। दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई और पुलिस के रवैए पर लगाम न लगने तक काम नहीं होगा।
मंडल के जल संस्थान कर्मियों को चार माह से वेतन के लाले
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान जिला कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में जल संस्थान कर्मियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है। उनके परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। लॉकडाउन में उनकी स्थिति और गंभीर हो गई है। जल संस्थान ने वेतन के लिए 2239 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन कार्मिक विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी। जिससे दिसंबर 2019 से वेतन नहीं मिल पाया है। महासंघ महामंत्री रामसजीवन ने मुख्य सचिव से बकाया वेतन भुगतान किए जाने का अनुरोध किया है।