भुजा तालाब में मछली पालन उद्योग के तहत पाली गई सैकड़ों मछलिया रविवार की सुबह मरकर पानी में उतरानी मिली। पट्टाधारक का आरोप है कि खुन्नस के चलते कुछ लोगों ने तालाब में जहरीला पदार्थ डाल दिया, जिससे मछलियां मर गईं। उधर मछलियों के मरने के बाद उनसे उठने वाली सड़ांध ने आसपास के लोगों का सांस लेना दुश्वार कर दिया।
भुजा तालाब में मांसजीवी समिति चिल्ला घाट का पट्टा है। कस्बे के बुद्धी पत्नी चुन्नू रैकवार भी सदस्य है। समिति ने उसे मछली पालन को अधिकृत कर रखा है। बुद्धी ने रविवार को थाने में दी तहरीर में बताया कि शदीद चौराहा में मुर्गी व मछली की दुकान करने वाले देवा कोरी शनिवार को शाम तालाब गया और मछलियां मांगने लगा।
मछली न होने की बात कही तो उसे नागवार गुजरा। इसके बाद वह धमकाते हुए वह चला गया। आरोप है कि बाद में उसी ने तालाब में जहरीली दवा डाल दी। बुद्धी ने पप्पू, झल्लू, पहुवा निवासीगण इचौली व कस्बे के बाला प्रजापति, बउरा पर भी इसमें शामिल होने की आशंका जाहिर की है।
जहर से करीब चार लाख की मछलियां मर गईं। उधर, मछलियों की सड़ांध व जहरीले पानी से पशु-पक्षियों की मरने की आशंका बढ़ गई है। समिति अध्यक्ष रामगोपाल व गनेश प्रसाद व बुद्धी ने मुआवजा दिलाने व आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।