बांदा। बारिश के दिनों में प्याज की नर्सरी के लिए बुंदेलखंड के किसानों को प्रगतिशील किसान और बुंदेलखंड जैविक कृषि फार्म संचालक मो. असलम ने नए टिप्स दिए हैं। उन्होंने अपने कृषि फार्म में इसका सफल प्रयोग किया है।
असलम ने बताया कि बुंदेलखंड में प्याज की फसल मुख्यत: रबी मौसम में की जाती है। कुछ वर्षों से खरीफ में भी प्याज की खेती की जा रही है, लेकिन बारिश के दिनों में नर्सरी बचाना काफी मुश्किल होता है। बताया कि पौध एवं सब्जी विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने फार्म में 25 से 30 सेंटीमीटर ऊंची नर्सरी बेड़ लगाई, जिसमें कंपोस्ट खाद आदि डालकर प्याज की नर्सरी डाली।
ज्यादा बारिश होने पर सरप्लस पानी नालियों से बहकर निकल जाता है। बारिश न होने पर स्प्रिंकलर या फव्वारे से सिंचाई की जाती है। बताया कि इस पद्धति से बारिश में प्याज की पैदावार अच्छी की जा सकती है। किसान इसकी जानकारी के लिए उनसे फोन पर संपर्क कर सकते हैं।