बांदा। रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को पुराने दिव्यांगता प्रमाण पत्र के स्थान पर क्यूआर कोड वाला यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड बनवाना होगा।
परिचालक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) से क्यूआर कोड स्कैन कर शून्य मूल्य का टिकट जारी करेंगे। परिवहन निगम ने परिचालकों को नई व्यवस्था की जानकारी देने और यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था में परिचालक पहले यात्री के चढ़ने और उतरने का स्थान ईटीएम में दर्ज करेंगे। फिर यूडीआईडी कार्ड का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे।
सत्यापन के बाद मशीन पर यात्री की पहचान और दिव्यांगता का विवरण सामने आएगा। इसके आधार पर निशुल्क टिकट जारी होगा। इससे कागजी प्रमाण पत्र से पात्रता जांचने और विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया आसान होगी।
निशुल्क यात्रा का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से दर्ज होगा। एआरएम देशराज ने बताया कि पुराने और नए, दोनों तरह के प्रमाण पत्र लेकर दिव्यांगजन यात्रा कर रहे हैं। पुराने प्रमाण पत्र वालों को नया कार्ड बनवाने के लिए कहा जा रहा है।
धीरे-धीरे कार्ड बनवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। किसी की यात्रा सेवा बंद नहीं की गई है, केवल नई व्यवस्था लागू हुई है। परिवहन निगम की 158 बसों में रोजाना करीब 1400 से 1500 दिव्यांगजन यात्रा करते हैं। त्योहारों पर संख्या बढ़ जाती है।
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यूडीआईडी कार्ड के लिए ऐसे करें आवेदन
यूडीआईडी या स्वावलंबन पोर्टल पर जाकर अप्लाई फॉर डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट एंड यूडीआईडी कार्ड विकल्प चुनें। आवेदन में व्यक्तिगत जानकारी, पता, शैक्षिक योग्यता और दिव्यांगता का प्रकार दर्ज करें। फोटो, हस्ताक्षर और पहचान पत्र अपलोड कर फॉर्म जमा करें। मिलने वाला आवेदन संदर्भ नंबर सुरक्षित रखें।
आवेदन के दौरान चुने गए नजदीकी अस्पताल में निर्धारित तारीख पर सभी दस्तावेज लेकर जाएं। मेडिकल बोर्ड दिव्यांगता की जांच करेगा। 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता होने पर पात्रता के अनुसार आवेदन मंजूर होगा। इसके बाद पोर्टल से यूडीआईडी कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। प्लास्टिक कार्ड डाक से दिए गए पते पर पहुंचेगा।