सरकारी दुकान में राशन लेने को कार्डधारकों का जमघट।
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बांदा। लॉकडाउन में सरकारी दुकानों में राशन वितरण के पहले ही दिन कार्डधारकों की भीड़ उमड़ पड़ी। आपस में दूरी बनाए रखने के सावधानी मानक धरे रह गए। उधर, पहले ही दिन अव्यवस्थाएं भी उजागर हुईं। अधिकांश कोटेदार कुछ देर राशन बांटने की औपचारिकता निभाकर दुकानें बंद कर चले गए। कई दुकानें खुली ही नहीं। इनके कोटेदारों का कहना था कि गोदाम से राशन नहीं उठ पाया।
शासन के निर्देश पर पहली अप्रैल से राशन की दुकानों में अंत्योदय, मनरेगा व भवन निर्माण से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों को 20 किलो गेहूं व 15 किलो चावल मुफ्त दिया जाना है। पात्र गृहस्थी के राशन कार्डों पर पूर्व की तरह प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल क्रमश: 3 रुपये व 2 रुपये की दर से दिया जा रहा है। लॉकडाउन में बाजार और कारोबार पिछले एक सप्ताह से बंद होने से गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर कर रहे उपभोक्ता दुकानों में टूट पड़े।
उधर, कई राशन की दुकानों में ताले लटकते रहे। खुटला के कार्डधारक रामप्रसाद ने बताया कि महामाई मंदिर की गली में स्थित कोटा खुला ही नहीं है। कोटेदार का कहना है कि लॉकडाउन के कारण खाद्यान्न का उठान नहीं कर पाए। उधर, जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि बुधवार को जनपद में 7630 राशन कार्डो में खाद्यान्न वितरण किया गया है। जिसमें 3816 राशन कार्डो में मुफ्त राशन दिया गया। सभी कोटेदारों को 28 मार्च तक खाद्यान्न लाने के निर्देश दिए गए थे। जिन्होंने इसका पालन नहीं किया उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।