बांदा। ग्राम पंचायतों में ओटीपी से डोंगल चला कर होने वाला फर्जीवाड़ा अब नहीं चलेगा। भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने ऐसा एप लांच किया है। भुगतान के लिए प्रधान व सचिव को इसमें अपना चेहरा दिखाना पडेगा। एप दोनों के चेहरे की पहचान के बाद ही किसी भी तरह का भुगतान करेगा। अन्यथा भुगतान की प्रक्रिया शुरू ही नहीं होगी।
पहले पंचायतों में प्रधान या सचिव ओटीपी से डोंगल चलाकर भुगतान कर देते थे। ग्राम पंचायतों में अभी तक विकास कार्यों का प्रस्ताव प्रधान और सचिव मिलकर तैयार करते थे, जिसे ऑनलाइन अपलोड किया जाता था।
इसके बाद प्रधान व सचिव की जोड़ी ओटीपी आधारित सिस्टम से भुगतान करती थी। इस प्रक्रिया में मौके पर न रहने के बाद भी भुगतान कर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा हो जाता था। इन खामियों को खत्म करने के लिए सरकार ने अब प्रधान व सचिव चेहरे की पहचान करने वाले फेशियल रिर्काग्निशन सिस्टम का प्रयोग किया है।
नई व्यवस्था पर अमल के लिए एप में प्रधान, सचिव की प्रोफाइल चेहरे की स्कैनिंग से बनाई जाएगी। जब मोबाइल एप पर चेहरा दिखाएंगे तभी उनकी प्रोफाइल खुलेगी। प्रधान व सचिव को ग्राम सचिवालय में लगे सिस्टम के सामने जाकर चेहरा दिखाना होगा। सरकार का मानना है कि इस नए एप से फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।