पड़ोसी युवक द्वारा किशोरी को ले जाने पर और सूरत (गुजरात) से उसे बरामद करने गए दरोगा द्वारा किशोरी को वहां होटल के कमरे और थाने में रख कर उसके साथ दुर्व्यवहार के मामले में अदालत ने दरोगा सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अतर्रा थाना क्षेत्र के अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने अपर जिला जज (त्वरित-1)/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में धारा 156 (3) के तहत दी अर्जी में कहा था कि उसकी पुत्री को 28 मई को पड़ोसी युवक अपने साथ सूरत ले गया।
उसकी बेटी घर में रखे 10 हजार रुपये व सोने की जंजीर भी ले गई। 31 मई को उसने अतर्रा थाने में धारा- 363 (अपहरण) की रिपोर्ट चार आरोपियों पर दर्ज कराई।
आरोपी उसकी पुत्री को सूरत के एक होटल में रखे था, इसका पता लगने पर वह अतर्रा थाने के दरोगा पन्नालाल यादव के साथ किराये की गाड़ी से सूरत गया। और वहां पुत्री से मिला। मुख्य आरोपी छोटा उर्फ अरुण पुत्र मुलिया को गिरफ्तार किया।
इसके बाद दरोगा ने सूरत के एक होटल में पुत्री को अपने साथ एक कमरे में रखा। पिता और ड्राइवर को दूसरे कमरे में रहे। आरोप लगाया कि कमरे में पुत्री के साथ दरोगा ने दुर्व्यवहार किया।
वहां से अतर्रा थाने लाकर सात दिन अतर्रा थाने में रखा। पुत्री का डॉक्टरी परीक्षण नहीं कराया। उसे टार्चर करता रहा। इसकी शिकायत पिता ने अफसरों से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
अर्जी पर सुनवाई के बाद अपर जिला जज / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नुपुर ने बुधवार को को अतर्रा थाना अध्यक्ष को आदेश जारी किया है कि इस प्रकरण की रिपोर्ट दर्ज विवेचना करें।
दरोगा पन्नालाल यादव सहित अन्य आरोपियों में अतर्रा निवासी छोटा उर्फ अरुण पुत्र मुलिया, मटरू पुत्र जानकी, नत्थू पुत्र भोलवा और रमजान शामिल है। 10 दिन के अंदर एफआईआर की प्रति न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं।