जिला पंचायत बोर्ड में अब ‘भगवा’ की भी भागीदारी हो गई। पिछले तीन वर्षों से ज्यादा से चल रहे मौजूदा बोर्ड में भाजपा का पत्ता साफ था। उसका कोई सदस्य नहीं था।
अब महिला सदस्य गीता सागर और किरन वर्मा के भाजपा में शामिल हो जाने से जिला पंचायत में भाजपा का भी प्रतिनिधित्व हो गया है। गीता सागर सपा से निष्कासित नेता हैं और किरन वर्मा बसपा से कुछ दिन के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई थीं।
जिला पंचायत में कुल 25 सदस्य हैं। शुरू से ही इसमें बसपा का पलड़ा भारी रहा। बसपा की किरन वर्मा पहली अध्यक्ष बनीं। उन्हें अविश्वास प्रस्ताव से हटाया गया तो सपा के महेंद्र सिंह वर्मा की ताजपोशी हो गई।
तीन माह पूर्व महेंद्र सिंह वर्मा को अविश्वास प्रस्ताव से हटाकर बसपा के बल्देव वर्मा अध्यक्ष चुन लिए गए। शुरू से अब तक इस उलट फेर में जिला पंचायत में भाजपा की कोई भूमिका नहीं रही क्योंकि उसका सदस्य ही नहीं था।
कल बुधवार को पूर्व अध्यक्ष किरन वर्मा लखनऊ में और अध्यक्ष पद का चुनाव हार चुकीं गीता सागर बांदा में भाजपा में शामिल हो गईं। इनके शामिल हो जाने से अब जिला पंचायत बोर्ड में दो भाजपा सदस्यों की भी भागीदारी होगी।
हालांकि अभी भी जिला पंचायत में बसपा सदस्यों का पलड़ा भारी है। उनकी संख्या सबसे ज्यादा है। दूसरे नंबर पर सपा है। किरन वर्मा बसपा के बाद कुछ दिन आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई थीं।
बाद में पुन: अपने को बसपाई होने का दावा किया। गीता सागर तीन माह पूर्व हुए जिला पंचायत उप चुनाव के दौरान सपा में शामिल हो गई थीं, लेकिन जिला पंचायत मतदान में सपा के प्रत्याशी को वोट न देने पर सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।