बांदा। परिषदीय विद्यालयों में अब शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगेगी। स्कूल बंद होने, विद्यालय आने में लापरवाही, अध्यापन कार्य न कराए जाने पर अभिभावक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए शासन ने टोल फ्री नंबर जारी किया है। इसे विद्यालय की दीवारों पर अंकित कराया जाएगा। बीएसए ने इसके लिए विद्यालयों को निर्देशित किया है।
परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सहित अन्य जिम्मेदारों की ओर से की जा रही लापरवाही और खामियों को दूर कराने के लिए शासन ने नई नीति निकाली है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए शासन की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। अभी तक अधिकारियों के औचक निरीक्षण के समय ही जिम्मेदारों की खामियां उजागर हो पाती थीं।
अधिकारियों को ग्रामीण, अभिभावकों की ओर से अक्सर समय से शिक्षकों के स्कूल न पहुंचने, देर से विद्यालय खुलने सहित अन्य शिकायतें मिलती थीं। साथ ही यह शिकायत भी रहती थी कि शिक्षक विद्यालय आते ही नहीं हैं। ऐसे में शासन ने टाेल फ्री नंबर 18008893277 जारी कर इसे विद्यालय की दीवारों पर अंदर व बाहर चस्पा कराने और गूगल लिंक पर इसे अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विद्यालय की दीवारों पर यातायात के सामान्य नियम भी लिखाए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।
इन बिंदुओं पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत
- शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर
- शिक्षकों के देर से विद्यालय पहुंचने की
- शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की
- मिड-डे-मील में गुणवत्तापूर्ण भोजन न मिलने पर
- विद्यालय में शिक्षकों की कमी
- विद्यालय की स्वच्छता और रखरखाव संबंधी समस्या
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वर्जन
सभी परिषदीय व कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर विद्यालयों में टोल फ्री नंबर दीवारों में अंकित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अभिभावक और ग्रामीण अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायत सीधे विभागीय पोर्टल पर दर्ज होगी।
-अव्यक्तराम तिवारी, बीएसए