बांदा। पिछले कई साल से लकवा और अवसाद से जूझ रहे पीड़ित ने सोमवार की शाम सात बजे ट्रेन की पटरी पर सिर रखकर अपनी जान दे दी।
ट्रेन उनके सिर से होकर निकल गई। ट्रेन गुजरने के बाद लोगों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी तो पुलिस ने मोबाइल पर मिली अंतिम कॉल के जरिए परिजन को सूचना दी।
सोमवार की शाम करीब सात बजे रेलवे स्टेशन बांदा के पास एक 50 वर्षीय व्यक्ति प्लेटफार्म पर घूम रहा था। जैसे ही ट्रेन आई तो उसने अपना सिर पटरी पर रख दिया। चंद सेकंड में ही ट्रेन ऊपर से निकल गई। यह देख लोगों ने शोर मचाया और जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को पटरी से हटाकर किनारे किया।
जांच के दौरान पास में मिले मोबाइल की जांच करने पर पुलिस को मिस्ड कॉल मिली, जिस पर फोन करके पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजन को दी।
रात करीब आठ बजे आवास विकास बी ब्लॉक निवासी संदीप कुमार रेलवे स्टेशन पहुंचे और उन्होंने शव की पहचान अपने चाचा आवास विकास बी ब्लॉक, जेएन कॉलेज के पीछे निवासी शिवकरन (50) के रूप में की।
भतीजे संदीप कुमार ने बताया कि चाचा मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। काफी समय से वह लकवा से ग्रसित थे। वह सोमवार की शाम को रोज की तरह घूमने के लिए निकले थे। उनकी खोजबीन चल रही थी और इसी कारण उन्हें फोन किया जा रहा था। उनके हाथ-पैर कांपते थे और बीमारी के चलते उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी।
परिवार में पत्नी सुनीता और बेटी स्नेहा हैं। थानाध्यक्ष जीआरपी हरिनाथ सिंह ने बताया कि शिवकरन सिंह ने ट्रेन की पटरी पर सिर रखकर खुदकुशी की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।