पहाड़िया दाई मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा। संवाद
अतर्रा। नवरात्र पर्व में कस्बे से सात किमी पर स्थित पौंडरा गांव का सिद्ध पीठ पहाड़िया दाई मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। सुबह से ही श्रद्धालुओं का देवी माता में जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू जाता है और दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। मंदिर पुजारी शिवप्रसाद ने बताया कि यहां देवी मां आदिकाल से विराजमान हैं। उनकी प्रतिमा चट्टानों से स्वयं प्रकट हुईं थीं। मान्यता है कि माता के दर्शन से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर परिसर स्थित तालाब में महिलाएं और बच्चे स्नान कर माता के दर्शन करते हैं। मंदिर संचालक राजकरण ने बताया कि बीते 27 वर्षों से प्रतिदिन अलग-अलग गांवों की कीर्तन मंडलियां यहां भजन-कीर्तन करती हैं। (संवाद)
देवी पांडालों में उमड़ रहे श्रद्धालु
नरैनी। कस्बे में स्थापित देवी पांडालों में शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। देवी प्रतिमाओं को देखने के लिए दूर-दराज के ग्रामीण पहुंचते हैं। बांदा मार्ग स्थित डाक बंगला के पास स्थापित काली देवी की विशाल प्रतिमा भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है। लोग दर्शन व आरती कर मां से मंगल कामनाएं करते हैं। (संवाद)
देवी मां का विशेष श्रृंगार व आरती आयोजित
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तिंदवारी। बेंदाघाट गांव स्थित काली देवी मंदिर में शनिवार को देवी मां का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंगल आरती आयोजित की गई। इस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। देवी मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। (संवाद)
पहाड़िया दाई मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा। संवाद
पहाड़िया दाई मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा। संवाद