अतर्रा/नरैनी। बीते दो दिनों में बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ओला से चना, मटर, मसूर आदि के फूल और पौधे भी क्षतिग्रस्त हुए। किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं।
अतर्रा क्षेत्र के महोतरा, दिखितवारा व मसुरी गांवों में ओले से खलिहानों में रखी 50 एकड़ की धान की फसल भीग गई। कई खेतों में धान की कटी पड़ी फसल पानी में डूबकर खराब हो गई। गेहूं, चना, मसूर, मटर की फसलों के ऊपर मिट्टी जम गई। किसान रमेश तिवारी, राहूुल गौतम, रामसुख गौतम, जयनारायण त्रिपाठी, रामलाल, बाबू, बच्चा, देशराज, लल्लू, अरविंद आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की है।
उधर, नरैनी में भी बारिश व ओला से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। रिसौरा गांव के किसान रामप्रताप व कामता ने बताया कि देर से बारिश होने से धान फसल देर से तैयार हुई है। ज्यादातर किसानों की फसल खलिहानों में पड़ी है। बारिश का पानी खेत और खलिहानों में भर गया है। फसल सड़ रही है।
बिजली गिरने से धान की फसल राख
नरैनी। तहसील क्षेत्र के बहेरी गांव में बीती शाम जमुनाबाई पत्नी बद्री प्रसाद और उसके तीन पुत्रों अनिल, अरविंद व राजकरन की छह बीघा में हुई धान की फसल में आकाशीय गाज से आग लग गई। खलिहान में रखी फसल राख हो गई। नायब तहसीलदार आरके शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नियमानुसार मदद का भरोसा दिलाया।