बांदा। केन नदी में आई बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए आई विशेष प्रशिक्षित पीएसी की टीम के स्टीमर को बांदा प्रशासन द्वारा पानी मिला पेट्रोल उपलब्ध कराने पर स्टीमर के नदी में खराब हो जाने की घटना की प्रदेश सरकार जांच कराएगी। साथ ही शहर में बने तटबंध के अधूरे काम पूरे कराने और क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराने का भी भरोसा दिलाया है।
सोमवार को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बांदा प्रशासन द्वारा पानी मिला पेट्रोल देने से पीएसी का स्टीमर नदी में खराब हो गया। इससे जवानों की जान पर बन आई।
जवानों की जिंदगी से खिलवाड़ का यह गंभीर मुद्दा है। इस पर विधान परिषद में नेता सदन और मंत्री अहमद हसन ने सरकार की ओर से इस मामले की जांच कराने का एलान किया। नसीमुद्दीन ने बाढ़ में प्रशासन की लापरवाही से तमाम मवेशियों के जिंदा बह जाने और बचे मवेशियों को कई दिनों तक चारा-भूसा न दिए जाने का भी मुद्दा उठाया।
यह भी बताया कि शहर को बाढ़ से बचाने के लिए केन नदी पर बसपा सरकार में बनाए गए तटबंध के कुछ काम अधूरे रह गए थे। पंप नहीं लग पाए थे। कुछ हिस्से में बोल्डर लगाए जाने थे। कहा कि मौजूदा सरकार ने शहर को बचाने के इस महत्वपूर्ण तटबंध के लिए पूरे कार्यकाल में धेला भी नहीं दिया।
हाल की बाढ़ से तटबंध को कुछ नुकसान भी पहुंचा है। इसकी मरम्मत जल्द नहीं की गई और अधूरे काम पूरे नहीं हुए तो बांध टूटने का खतरा है। ऐसे में शहर बाढ़ में डूब जाएगा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि सरकार की ओर से नेता सदन ने बांध के अधूरे काम पूरे कराने और क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया है।