बांदा। दस दिवसीय पर्यूषण पर्व के समापन पर पालकी महोत्सव मनाया गया। जिओ और जीने दो व जीव अकेला आया है और अकेला जाएगा आदि उद्घोष गूंजते रहे। शासन के निर्देशों और कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जैन समाज ने पालकी की शोभायात्रा नहीं निकाली।
मंदिर परिसर में ही पालकी महोत्सव की रस्म अदाकर पूजा-अर्चना की। पर्व के समापन पर हर वर्ष पालकी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता रहा है। पालकी में विराजमान भगवान महावीर की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती थी, लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना की वजह से पालकी शोभायात्रा नहीं निकाली जा रही।
इस वर्ष भी यही हुआ। जैन समाज ने छोटी बाजार स्थित मंदिर परिसर में ही पालकी की शोभायात्रा निकालकर रस्म निभाई और महोत्सव मनाया। भक्तों ने भगवान की पूजा-अर्चना कर भव्य आरती और चंवर किया। धार्मिक आयोजनों की धूम रही। महिला, पुरुष, युवा, बच्चों आदि ने महोत्सव में कई कार्यक्रम पेश किए।
भजन-कीर्तन के साथ युवतियों और महिलाओं का डांडिया नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन ने बताया कि प्रसाद वितरण और भंडारा भी हुआ। इस अवसर पर महेंद्र कुमार जैन, प्रकाश जैन, मुकेश जैन, रत्नेश जैन, अंशुल जैन, मिश्रीलाल जैन, सुरेंद्र जैन, भूपत जैन, पंकज जैन, शैली, साधना, नीलम, रश्मि, मिंटी, पिस्ता, सरोज, डाली, प्रिया, मिली, गोल्डी जैन आदि उपस्थित रहीं।