बांदा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लोगों व बुजुर्गों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने में स्वास्थ्य विभाग की चाल सुस्त है। जिले के 52 हजार बुजुर्गों में महज 10 हजार के ही कार्ड बन पाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो योजना के तहत जिले में एक लाख 88 हजार 180 परिवारों के सात लाख 40 हजार 980 लोगों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है। जनवरी माह से अब तक महज पांच लाख 21 हजार 39 के कार्ड ही बन सके हैं। उधर, 70 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके जिले के 52 हजार बुजुर्गों में सिर्फ 10 हजार के ही आयुष्मान कार्ड बन सके हैं।
जानकारी के मुताबिक परिवारों को आयुष्मान करने में नियम यह है कि एक राशन कार्ड में सदस्यों की संख्या छह होनी चाहिए। उधर, 70 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट आड़े आ रहा है। बहुत से लोगों के आधार कार्ड से मोबाइल लिंक न होने की वजह से भी ओटीपी न आने से यह समस्या है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि ब्लॉकों और सीएचसी में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
आयुष्मान कार्ड के फायदे
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 1409 बीमारियों को शामिल किया गया है। सभी भर्ती मरीजों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज देने की व्यवस्था है। इन बीमारियों का इलाज रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, जिला पुरुष अस्पताल, जिला महिला अस्पताल व प्राइवेट के चार अस्पतालों विक्रम चाइल्ड केयर सेंटर, नवाब चैरिटी हास्पिटल, कमला नर्सिंग होम, अतर्रा व एसएमडी बबेरू में होता है। मरीज इन अस्पतालों में अपना आयुष्मान कार्ड जमा कर मुफ्त इलाज ले सकता है।
वर्जन
परिवार में रह रहे लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति 70 फीसदी है। जबकि 70 की उम्र पूरी करने वाले बुजुर्गों को आयुष्मान करने में 21 फीसदी प्रगति की है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही हम लक्ष्य को पूरा कर लेंगे।-डॉ. विजेंद्र सिंह, सीएमओ, बांदा