फोटो - 06 यमुना नदी पर स्थापित गलौली-बारा प्लाटून पुल। संवाद
जसपुरा। यमुना नदी पर बने गलौली-बारा और मड़ौलीकलां-अढ़ावल पीपा पुल को लेकर प्रशासन के फैसले ने यमुना पार के हजारों ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद ने पुलों को बरसात तक चालू रखने की मांग की थी। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग ने दोनों पुलों को हटाने का आदेश जारी कर दिया है।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दो के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार सोनकर ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। इससे सुरक्षा के मद्देनजर 11 जून से दोनों पुलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुल हटने के बाद इन मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा और नदी पार करने के लिए पावर बार्ज की व्यवस्था की जाएगी। वहीं इससे ग्रामीण खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल हटाने से कई गांवों का संपर्क टूट जाएगा। साथ ही उन्हें लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ेगा। इससे बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और मरीजों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। प्रशासन को कोई भी फैसला लेने से पहले जनता की परेशानी को समझना चाहिए।