बांदा। घरेलू हिंसा के मामले में जिला न्यायालय के सिविल जज जूनियर डिवीजन शुभांशु दास ने पति को पत्नी के भरण-पोषण के लिए पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया है।
साथ ही मानसिक शोषण के लिए 75 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। मामले में मुस्कान उर्फ शोभा यादव का विवाह 10 जून 2022 को उन्नाव जिले के थाना बारा सगवर के गांव सढ़वा मजरे निवासी अखिलेश यादव के साथ हुआ था।
पत्नी ने आरोप लगाया था कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे। इसके बाद घर से निकाल दिया। वह मायके में रहने लगी और किराये पर आवास लेकर जीवनयापन करने को मजबूर हुई।
न्यायालय ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम की धारा 20 के तहत पत्नी को भरण-पोषण और चिकित्सा खर्च के लिए चार हजार रुपये प्रतिमाह चेक से देने का आदेश दिया। भविष्य में घरेलू हिंसा नहीं करने के लिए पति व अन्य संबंधित परिजन को 20 हजार रुपये का बंधपत्र दाखिल करने का आदेश दिया।
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चेक बाउंस के मामले में आरोपी दोषमुक्त
बांदा। दो लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में आपसी सुलह-समझौते के बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय सत्यवीर सिंह ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
कोतवाली नगर के देवनगर निवासी परिवादी बलराम सिंह ने कोतवाली देहात के गांव पचनेही निवासी उमाशंकर सिंह के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। आरोप था कि दो लाख रुपये के भुगतान के लिए दिए गए बैंक ऑफ बड़ौदा की चिल्ला रोड शाखा के चेक बैंक ने 17 मार्च 2023 को खाता ब्लॉक होने के कारण लौटा दिया था।
इसके बाद 11 अप्रैल 2023 को विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर न्यायालय में वाद दायर किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। परिवादी ने अदालत में बयान दिया कि उसे चेक की पूरी धनराशि ब्याज सहित मिल चुकी है और वह आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं चाहता।
इसके बाद अदालत ने समझौते के आधार पर वाद निस्तारित करते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही उसके जमानती बंधपत्र भी समाप्त कर दिए। (संवाद)