कमासिन थाने में तैनात महिला कांस्टेबल नीतू शुक्ला द्वारा पिछले वर्ष सितंबर माह में थाना परिसर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन एसपी, अपर एसपी, थानाध्यक्ष सहित आठ पुलिस कर्मियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
मृतका नीतू के भाई राघवेंद्र शुक्ला ने धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी दी थी। लेकिन स्थानीय अदालत ने इसे परिवाद के रूप में दर्ज किया था। इस पर राघवेंद्र ने हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सीजेएम का आदेश खारिज करते हुए पुन: सुनवाई कर आदेश दिया था। इस पर राघवेंद्र ने अधिवक्ता विनोद कुमार त्रिवेदी के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में पुन: अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद सीजेएम नुपुर ने सोमवार को हाईकोर्ट की रिवीजन याचिका का संज्ञान लेते हुए कमासिन थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि अर्जी में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें।
आरोपियों में तत्कालीन एसपी एस आनंद, अपर एसपी लाल भरत पाल, तत्कालीन थाना प्रभारी प्रतिमा सिंह और कांस्टेबल हरेंद्र पाल, ज्ञान प्रकाश ओझा, तसलीम अहमद, रावेंद्र साह व योगेश मौर्या शामिल हैं।