बांदा। सेवायोजन कार्यालय पिछले 15 दिनों से रोजगार मेला का प्रचार प्रसार करता रहा लेकिन मेले में सिर्फ दो ही कंपनियां आईं। दावा है कि साक्षात्कार के जरिए गार्ड, हेल्पर, सुपरवाइजर आदि पदों के लिए 26 युवाओं का चयन किया गया। जनपद में रोजगार मेले के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। युवाओं का कहना है कि अच्छी व बड़ी कंपनियां आती ही नहीं हैं।
गुरुवार को सेवायोजन कार्यालय बंगालीपुरा में बेरोजगार मेला लगा। मेले में अपेक्षा के अनुरूप न कंपनी पहुंची न रोजगार गिने चुने जिले के ही युवाओं ने मेले में शिरकत की। पंकज का कहना था कि मेले में बड़ी कंपनियां नहीं आती है। इससे उन्हें निराशा हाथ लगती है। राधे का कहना है कि यहां आने वाली कंपनियां 10 हजार से अधिक वेतन देने को तैयार नहीं है। नियुक्ति अहमदाबाद, लखनऊ, नोएडा, कोलकाता आदि में देती है।
इतने कम में तो वहां कमरा भी किराये का नहीं मिलेगा। इससे बेरोजगारों का रुझान मेले से उठता जा रहा है। जिला सेवायोजन अधिकारी मोहित जायसवाल का कहना है कि आमधन ई-प्राइवेट व अर्थरवा फाउंडेशन प्राइवेट लिमिटेड अच्छी कंपनियों में शुमार है। मेले में छह से अधिक कंपनियों को आना था लेकिन कई कंपनियां नहीं आई है। अगले मेले में एक दर्जन कंपनियों को बुलाया गया है। संवाद