फोटो-14- महिला महाविद्यालय के सभागार में एडमिशन करातीं छात्राएं। संवाद
-बीएससी व परास्नातक पाठ्यक्रम में रिक्त चल रहीं सीटें
- छात्राएं बोलीं, चार वर्षीय हुआ स्नातक पाठ्यक्रम, व्यावसायिक कोर्स पर रुझान ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वर्तमान शिक्षा सत्र में स्नातक और परास्नातक के लिए मिली सीटें भर नहीं पा रहीं हैं। इसके पीछे इस सत्र ने स्नातक का चार वर्षीय पाठ्यक्रम का होना व इंटर पास आउट विद्यार्थियों का व्यावसायिक परक कोर्सों के प्रति बढ़ता रुझान है।
राजकीय महिला महाविद्यालय में इस सत्र में बीए की 420 सीटें हैं। इनमें से अब तक 404 सीटें ही भर पाईं हैं। बीएससी में 240 सीटों में से 136 सीटें ही भरी हैं। परास्नातक पाठ्यक्रम हिंदी, समाजशास्त्र, इतिहास, गृह विज्ञान, उर्दू, शिक्षा शास्त्र में 60-60 सीटें निर्धारित हैं। इन विषयों में वर्तमान में आधी सीटें रिक्त हैं।
बृहस्पतिवार को राजकीय महिला महाविद्यालय के सभागार में स्नातक के प्रवेश चल रहे थे। प्रवेश लेने पहुंची संध्या, कविता ने बताया कि इस वर्ष प्रवेश में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आई। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रवेश आसानी से मिल रहा है। छात्राओं ने बताया कि इस वर्ष स्नातक बीए व बीएससी चार वर्षीय पाठ्यक्रम रहेगा। इसको लेकर ज्यादातर छात्राएं व्यवसायिक परक कोर्स यथा एलएलबी और जेएनएम में प्रवेश ले रहीं हैं। इससे इस बार स्नातक व परास्नातक में प्रवेश लेने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
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वर्जन
महाविद्यालय में पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर प्रवेश किया जा रहा है। स्नातक में बीए में कुछ सीटें अभी रिक्त हैं, लेकिन बीएससी में यह आंकड़ा सीटों के मुकाबले आधा है। प्रवेश अभी चल रहे हैं। - डॉ. दीपाली गुप्ता, प्राचार्य राजकीय महिला महाविद्यालय