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Banda News: 13789 में से 2557 ही खुद को साबित कर पाए वोटर

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फोटो-13
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- साक्ष्य जुटाने में मतदाता परेशान, पहचान व निवास और जन्म से संबंधित साक्ष्य लाने के लिए दी गई तारीख


संवाद न्यूज एजेंसी

बांदा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नो मैपिंग श्रेणी में 64667 मतदाता चिह्नित किए गए थे। नोटिस के 13789 मतदाताओं ने नामित ईआरओ व एईआरओ के पास उपस्थित होकर अपनी पहचान को साबित करने के लिए प्रमाण प्रस्तुत किए। इनमें अफसरों की नजर में 2557 मतदाता ही पहचान साबित करने में सफल रहे। अन्य वोटरों को पहचान व निवास और जन्म से संबंधित साक्ष्य लाने को कहकर तारीख दी गई है।
जनपद की चारों विधान सभा में वर्ष 2025 की मतदाता सूची के आधार पर 1349521 वोटर है। वर्ष 2003 की सूची के आधार पर 1174109 मतदाताओं का एसआईआर के तहत सत्यापन कराया गया। जिसमें 175412 अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी। लिहाजा इन्हें एएसडी मतदाता सूची में डालते हुए नोटिस जारी की जाना है। लेकिन प्रथम चरण में अनुपस्थित 64667 मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है। पहचान साबित करने के लिए आयोग द्वारा सुझाए गए 13 विकल्पों में चार प्रमाण प्रस्तुत करने हैं।
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आपत्तियों के निस्तारण के लिए आयोग ने ईआरओ व एईआरओ नामित किए हैं। निर्वाचन विभाग की माने तो नोटिस के 13789 मतदाताओं ने नामित ईआरओ व एईआरओ के पास उपस्थित होकर अपनी पहचान को साबित करने के लिए प्रमाण प्रस्तुत किए। इनमें अफसरों की नजर में 2557 मतदाता ही पहचान साबित करने में सफल रहे। शेष मतदाताओं को पहचान व निवास और जन्म से संबंधित साक्ष्य लाने को कहकर अन्य तिथि दी गई है।


विधानसभा मतदाता आपत्तियां निस्तारण



तिंदवारी 12295 1587 295

बबेरू 20069 4405 242

नरैनी 19310 4790 1053
बांदा 12993 3007 967

-
योग- 64667 13789 2557

इनसेट-



नरैनी में सर्वाधिक मामले निस्तारित

नरैनी विधानसभा में 19310 अनुपस्थित मतदाताओं को नोटिस जारी की गई थी। जिसमें 4790 मतदाताओं ने ईआरओ के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जिसमें ईआरओ ने तेजी दिखाते हुए 1053 मामलों का निस्तारण कर दिया। दूसरे नंबर पर सदर बांदा रहा। जहां पर 12993 नोटिसों में 967 का निस्तारण किया गया। बबेरू व तिंदवारी में निस्तारण की गति बेहद धीमी है।

साक्ष्य नहीं दे पा रहे मतदाता
ईआरओ तहसीलदार, एसडीएम व पूर्ति निरीक्षक का कहना है कि आपत्तियां तो प्राप्त हो रही है। लेकिन सुनवाई के दौरान मतदाता आयोग द्वारा मांगे गए साक्ष्य नहीं दे पा रहे हैं। जिसकी वजह से आपत्तियों के निस्तारण में देरी हो रही है। मतदाताओं को साक्ष्य लाने के लिए समय दिया जा रहा है। ताकि उनका नाम मतदाता सूची से न कट सके। हालांकि जो साक्ष्य नहीं देगा उसका नाम कट जाएगा।

वर्जन-

नो मैपिंग के मतदाता पहचान से संबंधित जरूरी विकल्प देने तो उन्हें नए सिरे से मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भरना होगा। जांच के बाद बीएलओ उन्हें मतदाता बनाने का काम करेंगा।-कुमार धर्मेंद्र, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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विशेष पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा में मिले निर्देश

बांदा। विशेष रोल प्रेक्षक व संयुक्त सचिव जेवीएन सुब्रमण्यम ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। बैठक में विधानसभा क्षेत्र के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में प्राप्त हो रहे फार्म-6, 7 व 8 की जानकारी ली गई। सुब्रमण्यम ने संबंधित अधिकारियों को कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। फार्म-6, 7 व 8 के साथ संलग्न किए जा रहे प्रपत्रों की गहन जांच और सही संलग्नता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने विशेष रोल प्रेक्षक को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
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