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महाराष्ट्र और एमपी से यूपी को मिलती है प्याज

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बांदा। प्याज की महंगाई उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सत्र में भी मुद्दा बन गई। प्याज की बढ़ती दरों पर बुंदेलखंड के ही सदस्य ने सरकार से सवाल कर लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को प्याज की आपूर्ति प्रमुख रूप से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से होती है। अतिवृष्टि से इन दोनों राज्यों में प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचने और यातायात प्रभावित होने से यूपी में प्याज के दाम बढ़े हैं।
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विधानपरिषद में बांदा के नसीमुद्दीन सिद्दीकी (एमएलसी) ने मुख्यमंत्री से सवाल किया था कि जुलाई से 15 नवंबर 2019 तक प्याज के दामों में अत्यधिक बढ़ोत्तरी से प्रदेश वासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखित जवाब में कहा कि जुलाई से अगस्त तक प्याज का औसत फुटकर मूल्य 20 से 23 रुपये किलो रहा है। यह सामान्य है। सितंबर से प्याज के दामों में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष अगस्त में 23.32 रुपये, सितंबर में 38.89 रुपये, अक्टूबर में 44.51 रुपये, नवंबर में 56.45 रुपये और दिसंबर में 82.97 रुपये प्रति किलो प्याज के दाम रहे हैं।
नसीमुद्दीन के इस सवाल पर कि प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी की वजह क्या है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश प्याज आपूर्ति के लिए अन्य उत्पादक प्रदेशों पर निर्भर है। महाराष्ट और मध्य प्रदेश यहां प्याज आपूर्ति करने वाले प्रमुख राज्य हैं। वहां अतिवृष्टि से खरीफ में प्याज की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहां से यातायात भी प्रभावित होने के कारण उत्तर प्रदेश में प्याज की आमद प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपूर्ति और माल में अंतर होने से प्याज के मूल्यों में वृद्धि हुई है।
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प्याज किसानों को प्रोत्साहन योजना से इनकार
बांदा। उत्तर प्रदेश में प्याज का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए किसी भी प्रोत्साहन योजना से मुख्यमंत्री ने साफ इनकार किया है। विधान परिषद में सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सवाल कि प्याज की मांग को ध्यान में रखकर प्रदेश में प्याज का उत्पादन करने वाले किसानों को कोई प्रोत्साहन देने की योजना है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य एवं रसद विभाग में ऐसी कोई योजना प्रस्तावित नहीं है।
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