महानगरों से आए पलायित मजदूर स्क्रीनिंग के लिए जिला अस्पताल के बाहर लाइन लगाए।
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बांदा। पलायित मजदूरों का महानगरों से घर लौटने का सिलसिला थम नहीं रहा। रविवार को पांचवें दिन करीब 1000 मजदूर यहां आए। पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर जांच कराई। इंफ्रारेड मशीन से उनके शरीर का तापमान नापा गया। इनमें तीन मजदूरों को जुकाम-खांसी और शरीर का तापमान बढ़ा होने पर मेडिकल कालेज भेज दिया गया। ये दिल्ली से लौटे हैं। बीते पांच दिनों में महानगरों से लौटने वाले मजदूरों की संख्या लगभग दो हजार पहुंच गई है।
दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और कानपुर से जत्थों में लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचे। पुलिस ने सभी को रोककर जिला अस्पताल में लाइन में खड़ा कर बारी-बारी से जांच कराई। ये तेज धूप में खड़े होकर बारी का इंतजार करते रहे। ट्रामा सेंटर चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान, फिजीशियन डा.एसडी त्रिपाठी व डा.हृदयेश पटेल और सर्जन डा.आरएस दोहरे स्वास्थ्य परीक्षण करते रहे।
डाक्टरों के मुताबिक जुकाम-बुखार से ग्रसित तीन युवकों को कोरोना संक्रमण की आशंका पर मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया। ये तीनों दिल्ली से आए हैं। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश कुमार यादव ने बताया कि तीनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। फिलहाल अब तक आए मरीजों कोई कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया।