महेश्वरी देवी मंदिर में अष्टमी पर अठवाईं पूजती महिलाएं।
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बांदा। चैत्र नवरात्र में अष्टमी पूजन को देवी मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं मंदिरों में अठवाईं चढ़ाई। विंध्यवासिनी और बबेरू के मढ़ी दाई मंदिर में अष्टमी पर भक्तों का तांता लगा।
शहर के काली देवी, महेश्वरी देवी, चौसठ जोगिनी, सिंहवाहिनी समेत प्रमुख मंदिरों में अष्टमी पर अठवाईं (खीर-पूड़ी) चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई। उधर, महेश्वरी देवी मंदिर में बड़ी तादाद रही। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के बाहर कन्याओं और गरीबों को भोजन कराया।
कई व्यवसायियों व भक्तों ने मंदिरों में हलुवा बंटवाया। खत्रीपहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक विंध्यवासिनी देवी मंदिर में अष्टमी पर नीचे स्थापित मंदिर में पट बंद रहे। मान्यता है कि देवी अष्ठमी व नवमी विंध्यवासिनी देवी ऊपर पहाड़ पर विराजमान होती हैं।
कड़ी धूप और तपिश के बावजूद भक्तों ने पहाड़ की 500 सीढ़ियां चढ़कर दर्शन व पूजन किया। पूजन व दर्शन का पूरी रात सिलसिला चलता रहा। उधर, बबेरू के मढ़ी दाई मंदिर में कस्बा समेत आसपास के दर्जनों गांवों के भक्तों ने दर्शन-पूजन किए। हलुवा-पूड़ी व खीर का प्रसाद वितरण कराया। शुक्रवार को नवरात्र समापन पर जवारा का विसर्जन होगा। नौ दिन का उपवास रखने वाले भक्त शनिवार को पारन (व्रत का समापन) करेंगे।