फोटो-11- मांग को लेकर नारेबाजी करते एनएचएम कर्मचारी। स्रोत : स्वयं
बांदा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण समेत लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ की जिला शाखा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा। संगठन का कहना है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं, लेकिन अब तक संविदा पर ही कार्यरत हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि कर्मचारी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सेवाएं दे रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संघ ने 18 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। साथ ही वेतन, महंगाई भत्ता, स्थानांतरण, ईपीएफ, सामाजिक सुरक्षा और सेवा सुरक्षा की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह और महामंत्री आदित्य भारती ने बताया कि 21 से 23 सितंबर तक सीएमओ, डीएम और सांसद-विधायकों को ज्ञापन दिए जाएंगे। जिलाध्यक्ष डॉ. मिलेंद्र सिंह, महामंत्री शोभित गुप्ता आदि मौजूद रहे।