बांदा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से संबद्ध महाविद्यालयों में शनिवार से स्नातक और परास्नातक की परीक्षाएं शुरू हो गईं। पहली बार ओएमआर पद्धति पर परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुछ महाविद्यालयों में इसे भरने को लेकर तकरीबन 15 से 30 मिनट का समय लगा। बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने में भी परीक्षार्थियों के पसीने छूट गए। परीक्षा दो पालियों में हुई। कोरोना संक्रमण में आयोजित हो रहीं स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष व परास्नातक फाइनल की परीक्षा अबकी नए पैर्टन पर हो रही है। शनिवार को स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष में उर्दू, भौतिक विज्ञान, सैन्य अध्ययन व परास्नातक में गृह विज्ञान, भूगोल, उर्दू, मनोविज्ञान विषय की परीक्षा हुई।
ओएमआर सीट पर सही उत्तर के गोले भरने और रोल नंबर भरने पर परीक्षार्थियों में माथा पच्ची करना पड़ी। राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राओं को ओएमआर सीट भरने का सही तरीका बताया गया। बहुत सी छात्राओं ने गलत खाने में रोल नंबर भर दिया, उसे सही कराया गया। कमोवेश यही स्थिति पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय में देखने को मिली। डेढ़-डेढ़ घंटे के निर्धारित समय में 60 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दिए गए।
बारिश की वजह से उखड़ी रोल नंबर सूची
छात्रों के सेंटर दूसरे महाविद्यालयों में होने में उन्हें कक्ष संख्या तलाश करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्षा के बीच तमाम छात्र-छात्राएं भीगते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचे। यहां नोटिस बोर्ड में रोल नंबर और कक्ष संख्या की चस्पा की गई सूची बारिश की वजह से गिर गईं, जिससे छात्र-छात्राओं को कक्ष तलाश करने में दिक्कतें हुईं।
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मोबाइल फोन जमा कराए गए
पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय में परीक्षा शुरू होने से तकरीबन 30 मिनट पहले पहुंचे परीक्षार्थियों को प्रवेश द्वार पर ही रोका गया। प्रवेशपत्र देखने और मोबाइल जमा कराने के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। क्रमश: प्राचार्य डॉ. केएस कुशवाहा व डॉ. दीपाली गुप्ता प्रवेश द्वार पर ही मौजूद रहकर व्यवस्था संभाले रहे। राजकीय महिला डिग्री कालेज में पहली मीटिंग में 225 परीक्षार्थियों में 218 और दूसरी पाली में 124 में 120 छात्राओं ने परीक्षा दी।