बांदा। कांग्रेस से किनारा करके सपा के सारथी बने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपनी नई सियासी पारी शुरू करने के बाद बुधवार को शाम पहली बार गृह जनपद बांदा आए। सपाइयों ने उन्हें गर्मजोशी से हाथों हाथ लिया। इन सपाई दिग्गजों में पूर्व मंत्री विशंभर निषाद और बसपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा जैसे कई ऐसे चेहरे भी थे जो कभी बसपा में नसीमुद्दीन के साथ रहे हैं।
लखनऊ से कारों के काफिले के साथ चले नसीमुद्दीन तीसरे पहर साढ़े तीन बजे जिले की सरहद चिल्लाघाट पुल पहुंचे। यहां सपा नेताओं के हुजूम ने जोरदार अगुवानी की। श्री सिद्दीकी के साथ उनके छोटे भाई और सपा राष्ट्रीय सचिव हसन सिद्दीकी भी थे। नसीमुद्दीन सादी मदनपुर गांव पहुंचे और जिला अधिवक्ता संघ पूर्व अध्यक्ष हाजी एजाज अहमद के घर जाकर कुछ दिनों पूर्व उनकी पत्नी व छोटे भाई शमशाद के हुए निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। चिल्ला से बांदा तक 40 किलोमीटर का रास्ता तय करने में काफिले को तीन घंटे लगे। जगह-जगह गांवों में रोककर स्वागत किया गया। शाम को शहर पहुंचकर अंबेडकर पार्क में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।सिद्दीकी 25 अप्रैल तक बांदा में रहेंगे।
स्वागत करने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा, बांदा शहर अध्यक्ष कुतैबा जमा खां , पूर्व डीडीसी अशोक सिंह गौर, सुमन दिवाकर, ओम त्रिपाठी विदित, सत्येंद्र, मुमताज अली, विवेक बिंदु तिवारी , रामराज पटेल, भरत दिवाकर , एजाज खां, नफीस गावस्कर, शामिल रहे। देर शाम सांसद कृष्णा देवी पटेल भी उनके आवास पहुंची और उनका स्वागत किया।