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मवेशियों की मौतों के बाद गोशालाओं को भागे अफसर

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तर्रा की गोशाला में गायों को बोरा पहनाते कर्मचारी। - फोटो : BANDA
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बांदा। मुख्यमंत्री की बांदा में समीक्षा बैठक के बाद बारिश और ओला से बढ़ी ठंड से ठिठुरकर गोशालाओं में गोवंशों की लगातार हो रही मौतों की खबरों के बाद अधिकारियों ने गोशालाओं की तरफ रुख किया है। सीडीओ से लेकर एसडीएम तक गायों की खबर लेने पहुंच रहे हैं। मौतों की सबसे बड़ी संख्या अतर्रा नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित कान्हा पशु आश्रय केंद्र की है। यहां शनिवार को भी एक गाय की मौत हो गई। गायों को बोरा बांधकर ठंड से बचाने की कवायदें की जा रही हैं।
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शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा ने गुरेह, घूरी और सिंहपुर गांवों तथा नगर पंचायत ओरन द्वारा संचालित गोशालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। खंड विकास अधिकारी बड़ोखर व बिसंडा तथा नगर पंचायत ओरन के ईओ को निर्देश दिए कि ठंड और बारिश से पशुओं को हर हाल में बचाएं। कोई पशु बीमार या मृत्यु हुई तो दोषियों पर सीधे कार्रवाई होगी।
अतर्रा संवाद एजेंसी के मुताबिक नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा पशु आश्रय केंद्र तथा तुर्रा गांव के पशु आश्रय केंद्र का एडीएम संतोष बहादुर सिंह और एसडीएम सौरभ शुक्ला ने शनिवार को निरीक्षण किया। नगर पालिका ईओ राम सिंह व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि टिनशेड की व्यवस्था कराएं और पशुओं को बोरा पहनाएं। इसमें लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। कान्हा पशु आश्रय केंद्र में शनिवार को भी एक वृद्ध गाय की भी मौत हो गई। उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
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खप्टिहा कलां संवाद एजेंसी के मुताबिक पैलानी, निवाइच, जसपुरा, रामपुर, गड़रिया, सिकहुला आदि गांवों में कई गायों की मौत के बाद शनिवार को तहसीलदार राजीव निगम ने कई पशु आश्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रधान व सचिवों को चेतावनी दी कि मवेशी की ठंड से मौत हुई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। पशु आश्रय केंद्रों में पशुओं को बारिश व ठंड से बचाने के इंतजाम करने के निर्देश दिए।
सरदार सेना ने सौंपा ज्ञापन
बबेरू। सरदार सेना जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह पटेल की अगुवाई में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर मुुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री मांग पत्र एसडीएम महेंद्र प्रताप को सौंपा। कहा कि गोशालाओं में छाया की व्यवस्था न होने से पशुओं की मौत हो रही है। उन्हें चारा-भूसा भी नहीं मिल रहा। आरोप लगाया कि चारा-भूसा आदि के नाम पर कागजी खानापूरी करके लाखों रुपये का बंदरबाट हो रहा है। ज्ञापन देने वालों में पीसी पटेल, संदीप कुमार, रामचंद्र सिंह, संतोष कुशवाहा, दिनेश सिंह, इंद्रजीत सिंह, कुलदीप कुमार, सुनील कुमार, विपिन कुमार, सत्यनारायण, दिवाकर सिह, महेंद्र आदि मौजूद रहे।

Officers fled to cowsheds after cattle deaths- फोटो : BANDA

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