बांदा/नरैनी। मतदान के दिन नरैनी के बूथ संख्या 161 के मतदाताओं ने गांव की जर्जर सड़क को बनवाने की मांग करते हुए वोट डालने से इन्कार कर दिया था, तब प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब जब चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है तो किसी भी जिम्मेदार की जुबान पर गांव की सड़क का नाम नहीं आ रहा है।
हर कोई अपने से ऊपर के अधिकारियों की जबावदेही बता रहा है। ऐसे में खुद को ठगा सा महसूस कर रहे मतदाताओं का कहना है कि आने वाले बारिश के दिनों में जर्जर सड़क के कारण दुश्वारी बढ़ेगी, लोग गिरकर चोटिल होंगे। मगर सड़क बनवाने के लिए कोई आगे आने वाला नहीं है।
तहसील के नौगवां गांव के मजरा सुखारी पुरवा गांव के आनंद कुमार पटेल, योगेंद्र सिंह पहलाद, मुन्ना, भागवत, राजकुमार, सुरेंद्र, रामकेश आदि ने बताया कि आजादी के बाद से सड़क नहीं बनी है। बरसात में आवागमन ठप्प हो जाता है बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है तो वह अस्पताल नही पहुंच पाता है। उसको चारपाई में लादकर एक किमी का रास्ता पार कराना पड़ता है, जिससे लोगो को भारी परेशानी होती है। चुनाव के समय बहिष्कार किया था तो तहसीलदार संतोष कुमार , नायब तहसीलदार यशपाल सिंह गांव पहुंचे थे। करीब तीन-चार घंटे तक की गई मान मनौव्वल के बाद यह सोचकर मतदान किया गया था कि शायद चुनाव बाद ही सड़क की सुध ली जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कि अभी तक सड़क को देखने कोई नहीं आया है।ष समझाया था सड़क बनने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने मतदान किया था ।
दो दिन बाद ही हुई थी बैठक
मतदान के दो दिन बाद यानी 22 मई को तहसील परिसर में तहसीलदार संतोष कुमार, वन विभाग के डिप्टी रेंजर विवेक वर्मा , ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद शिवहरे सहित गांव वालों को मौजूदगी में एक बैठक हुई थी। इसमें कहा गया था कि वन विभाग की एनओसी मिलते ही सड़क का निर्माण कार्य जल्द कराया जायेगा।
वर्जन,,,,
एनओसी के लिए नहीं किया आवेदन
विवेक वर्मा डिप्टी रेंजर वन विभाग का कहना है कि सड़क बनवाने के लिए अभी तक किसी कार्यदायी संस्था ने एनओसी के लिए आवेदन नही किया है। जब कोई आवेदन करेगा तभी तो बात आगे बढ़ेगी। इसके लिए अन्य जिम्मेदारों को भी पहल करनी होगी।
लोगों की बात,,,,,
जोखिम में रहती है जान
आनंद सिंह का कहना है आजादी से लेकर आज तक सड़क नही बन पाई। कोई सुनने वाला नहीं है। बरसात के समय जान जोखिम में डालकर कीचड़ से गुजरकर जाना पड़ता है।
झूठा आश्वासन देकर लियाा वोट
मोतीलाल पटेल का कहना है चुनाव के समय झूठा आश्वासन देकर वोट ले लिया गया है। सड़क बनाने के लिए कोई नही दिखाई दे रहा है। किससे कहां फरियाद की जाए।
तहसीलदार ने झाड़ा पल्ला, ग्रामीणों में रोष
पैलानी। तहसील क्षेत्र में पानी, बिजली व सड़क की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था। करीब दो घंटे तक मतदान बाधित होने के बाद तहसीलदार विकास पांडे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि चुनाव निपटते ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। अभी तक कोई भी अधिकारी समस्याओं को देखने तक नहीं पहुंचा है। तहसीलदार का कहना है कि आलाधिकारियों का जैसा निर्देश होगा, उसी तरह कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक नेता ही झूठे वादे किया करते थे, अब तो अफसर भी वही काम करने लगे। किस पर भरोसा किया जाए।