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परिषदीय शिक्षकों ने बंद किया फोन पर नेटवर्क

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शिक्षक सम्मान बचाओ धरने को संबोधित करते प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी। - फोटो : BANDA
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बांदा। शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बांदा यूनिट ने शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस मनाया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को सम्मान से ज्यादा अपमान और कामों का बोझ लादा जा रहा है। प्रेरणा एप का मुखर विरोध करते हुए कहा कि संसाधन पूरे न होने तक इसका विरोध जारी रहेगा। शिक्षक निजी फोन पर यह एप डाउनलोड नहीं करेंगे। 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया गया।
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गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बड़ी तादाद में शिक्षक इकट्ठा हुए। सम्मान बचाओ के इस धरने का नेतृत्व कर रहे संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और संसाधन नहीं हैं। इसके बाद भी शासन प्रेरणा एप जैसी व्यवस्थाएं थोप रहा है। यह व्यवस्था शिक्षकों की निजता का हनन है। शिक्षक इस योजना का नहीं बल्कि इसके दुष्पपरिणामों का विरोध कर रहे हैं।
संसाधन और शिक्षक पर्याप्त हो जाएं तो एप का स्वागत है। अध्यक्ष ने आंकड़ों का हवाला देकर कहा कि जनपद में 1396 प्राइमरी व 641 जूनियर स्कूलों में सवा दो लाख बच्चे हैं। इनमें शिक्षक मात्र 4300 है, जबकि मानक के मुताबिक साढ़े 6 हजार शिक्षक होने चाहिए। आज भी 80 फीसदी स्कूलों में फर्नीचर न होने से बच्चे धरती पर बैठ रहे हैं। करीब 250 स्कूलों में बाउंड्री नहीं है। इतने ही विद्यालय में शौचालय नहीं हैं या फिर ध्वस्त हैं। सैकड़ों स्कूल एकल हैं। शिक्षकों को यूनिफार्म, स्वेटर, मिड-डे मील, दवाइ वितरण के अतिरिक्त काम थोप दिए गए हैं।
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प्रधानाध्यापक पद खत्म किए जा रहे हैं।
अध्यक्ष ने घोषणा की कि पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध न कराने तक प्रेरणा एप आदि का विरोध जारी रहेगा। बताया कि इसके विरोध में कई ने एनपीआरसी आदि पद से त्यागपत्र दे दिया है। शिक्षकों ने मोबाइल का नेट बंद करके सूचनाओं का आदान-प्रदान बंद कर दिया है। निजी फोन पर प्रेरणा एप डाउनलोड नहीं किया जाएगा। अन्य मांगों पुरानी पेंशन की बहाली, प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक व 3 सहायक अध्यापक, जूनियर में तीन सहायक अध्यापक, पदोन्नति, फर्नीचर, बिजली, पानी, बाउंड्री की व्यवस्था, प्रेरणा एप पर रोक, स्कूलों में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति, संविलयन प्रक्रिया पर रोक, अंतरजनपदीय तबादले आदि के मुद्दे शामिल रहे।
धरने में सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर फूल चढ़ाए गए। इस अवसर पर मइयादीन यादव, प्रजीत सिंह, जयकिशोर दीक्षित, केपी सिंह, भुवनेंद्र यादव, राजवीर सिंह, विनय प्रताप सिंह, हरवंश श्रीवास्तव, चंद्रशेखर त्रिपाठी, आशुतोष गौतम, जागेंदर सिंह, नारायण राज गुप्त, राजेश द्विवेदी, इंद्रजीत निषाद, छोटेबाबू प्रजापति, सुनील वर्मा, विवेक यादव, सुधीर श्रीमाली, अंजना अवस्थी, सुनीता प्रजापति, पूनम यादव, सुघर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
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