बांदा।गरीबों के घरों को रोशन करने का सहारा केरोसिन में शासन ने एक बार फिर कटौती कर दी है। अब उन्हें माह भर में सिर्फ दो लीटर ही मिट्टी का तेल मिलेगा। इस कटौती से चित्रकूटधाम मंडल में करीब 14 लाख गरीब परिवार प्रभावित होंगे। अक्तूबर में 3.84 लाख लीटर की कटौती हुई है। अब 31.44 लाख लीटर के बजाए 27 लाख 60 हजार लीटर केरोसिन में ही 14 लाख परिवारों को महीने भर रोशनी करनी पड़ेगी।
शासन ने छह माह में यह तीसरी बार केरोसिन में कटौती की है। कार्डधारकों को हर माह साढ़े तीन लीटर से घट कर अब दो लीटर रह गया है। मंडल में पहले 31.44 लाख लीटर मिट्टी तेल का आवंटन होता रहा है। अक्तूबर से यह 27.60 लाख लीटर मिलेगा। बांदा में 9.72 लाख की जगह 8.52 लाख, चित्रकूट में 5.16 लाख की जगह 4.20 लाख, हमीरपुर जिले में 9.48 लाख लीटर के स्थान पर 8.64 लाख लीटर और महोबा जिले में 7.08 लाख लीटर के स्थान पर 6.24 लाख लीटर मिट्टी का तेल आवंटित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती और तमाम घरों में अभी लाइट कनेक्शन न होने से ये लोग मिट्टी के तेल के सहारे ही घर में उजाला करते हैं। एक परिवार में अमूमन पांच लीटर तेल से माह भर ढिबरी व लालटेन जलती हैं लेकिन लगातार कटौती से अब दो लीटर में दस दिन भी चिराग नहीं जलेंगे। इससे मंडल के चारों जिलों की करीब 14 लाख परिवार प्रभावित होंगे।
इन पर पड़ेगी ज्यादा मार
बांदा। सबसे ज्यादा मार बीपीएल व अंत्योदय कार्डधारकों पर पड़ी है। चित्रकूट मंडल में तकरीबन 2,01,270 बीपीएल तथा 1,23,377 अंत्योदय कार्डधारक हैं। बांदा में 78,804 बीपीएल तथा 48,348 अंत्योदय कार्डधारक, हमीरपुर में 58,538 बीपीएल तथा 36,025 अंत्योदय कार्डधारक, महोबा में 26,693 बीपीएल तथा 16,224 अंत्योदय कार्डधारक हैं। जबकि चित्रकूट में 32,235 बीपीएल कार्ड व 22,774 अंत्योदय कार्डधारक हैं। ये मिट्टी के तेल के सहारे ही घर में रोशनी करते हैं।
अंधेरे में करना होगा गुजारा
बांदा। झील का पुरवा (कनवारा) निवासी कैलसिया देवी ने बताया कि एक चिराग तो रात भर घर में जलाना पड़ता है। बाकी खाना खाने व मवेशियों की चारा-सानी के बाद बुझा दिए जाते हैं। इतने में माह भर में पांच लीटर मिट्टी का तेल खप जाता है। तीन लीटर में रात भर अंधेरे में रहने की मजबूरी थी। अब दो लीटर हो गया है तो शाम के खाने के वक्त भी दो घंटे उजाला नहीं हो सकेगा। महोखर के दलित रामजियान मिट्टी की तेल में कटौती पर काफी आहत है। कहा कि सरकार कटौती पर कटौती कर रही है। इससे गरीब सीधे प्रभावित हो रहे हैं। केरोसिन गरीबों की अहम जरूरत है। तेल कम होने से अंधेरे में खाना बनाने खाने की मजबूरी हो जाएगी।
‘शासन ने मंडल में केरोसिन में करीब 36 फीसदी की कटौती की है। यह आवंटन इसी अक्तूबर से शुरू हो गया है। तेल की मात्रा कम होने से गरीब तो प्रभावित होंगे, पर उनकी भी मजबूरी है। जितना आवंटन मिल रहा है उसी में काम चलाना होगा।’ चंद्रशेखर ओझा, खाद्य उपायुक्त