करवा चौथ की पूर्व संध्या पर मिट्टी का करवा
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। इस साल करवा चौथ पर 100 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष की मानें तो इस बार करवा चौथ का एक व्रत से 100 व्रतों का वरदान मिलेगा। चार संयोग इस बार इसे खास बना रहे हैं। पंडित उमाकांत त्रिवेदी (क्योटरा) ने बताया कि करवा चौथ का महासंयोग अबकी 100 साल बाद होगा। यह व्रत इस बार बुधवार को मनाया जा रहा है। इस दिन शुभ कार्तिक मास का रोहिणी नक्षत्र है। चंद्रमा अपने रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे।
बुध अपनी कन्या राशि में रहेंगे। इसी दिन गणेश चतुर्थी और कृष्ण जी की रोहणी नक्षत्र भी है। बुधवार को गणेश जी और श्रीकृष्ण दोनों का दिन है। ये अद्भुत संयोग करवा चौथ के व्रत को और भी शुभ फलदाई बना रहा है। इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिलेगा। ज्योतिषाचर्य के मुताबिक इस बार करवा चौथ का एक व्रत करने से 100 व्रतों का वरदान मिल सकता है। चार संयोग इस बार करवा चौथ को खास बना रहे हैं। बुधवार को 19 अक्टूबर को चंद्रमा वृषभ राशि में और रोहिणी नक्षत्र एक साथ रहेगा। इससे पहले इस तरह का संयोग करवा चौथ के दिन 1916 में बना था। तब करवा पर चार महासंयोग एक साथ बने थे। इस साल भी ये अद्भुत संयोग करवा चौथ के व्रत को शुभ फलदाई बना रहा है। उधर, करवा चौथ की पूर्व संध्या पर बाजार में सुहागिन महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। पीतल और मिट्टी के करवा की खरीद-फरोख्त की। चूड़ियां और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों में भी महिलाओं की भीड़ रही।
व्रत में क्या करें महिलाएं
बांदा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया हो वही महिलाएं व्रत रख सकती हैं। व्रत रखने वाली महिला को काले और सफेद कपड़े नहीं पहनने चाहिए। लाल-पीले कपड़े विशेष फलदाई होते हैं। व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है। पत्नी के अस्वस्थ होने पर पति भी व्रत रख सकते हैं।
करवा चौथ में पूजा चंद्र उदय का मुहूर्त
करवा चौथ पूजा के लिए पूरी अवधि एक घंटे और 13 मिनट है। करवा चौथ पूजा का समय शाम छह बजे से शुरू होगा। शाम 7 बजकर 14 मिनट पर करवा चौथ पूजा करने का समय खत्म होगा। चंद्र उदय का मुहूर्त रात 8.29 बजे है।
करवा चौथ क्यों है खास
पंडित उमाकांत त्रिवेदी बताते हैं जब पांडव वन-वन भटक रहे थे तो भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को इस दिव्य व्रत के बारे में बताया था। इसी व्रत के प्रताप से द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी उम्र का वरदान पाया था। सुहागिनें इस दिन श्रीगणेश, मां गौरी, चंद्रमा की पूजा करेंगी। चंद्र पूजन से महिलाओं को पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख का वरदान मिलता है। विधि विधान से यह पर्व मनाने से महिलाओं का सौंदर्य भी बढ़ता है। करवा चौथ की रात सौभाग्य प्राप्ति के प्रयोग का फल निश्चित मिलता है।