बांदा। ड्यूटी पूरी आठ घंटे की। मानदेय बढ़ा सिर्फ 500 रुपये। जनपद के रसोइयां इससे खुश नहीं हैं। वहीं, अब नए सत्र से एक वर्ष में एक बार दो ड्रेस (साड़ी/पैंट शर्ट) के लिए 1000 रुपये भी दिए जाएंगे।
जनपद के 1725 परिषदीय स्कूलों में तैनात 5200 रसोइयों को मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। अब इन्हें मानदेय 2000 रुपये मिलेंगे। रसोइयों का कहना है कि उनकी ड्यूटी आठ घंटे से ज्यादा की है। स्कूल खुलने से पहले पहुंचते हैं और मध्याह्न भोजन की तैयारी करते हैं। उनका मानदेय भी समय से नहीं मिल पाता। जिला समन्वयक एमडीएम भास्कर आसवानी ने बताया कि सभी रसोइयों का मार्च तक का मानदेय भुगतान कर दिया गया है। चालू शिक्षा सत्र से साल में दो बार 500- 500 रुपये ड्रेस के लिए अलग से मिलेगा।
बिजली खेड़ा की रसोइया सावित्री का कहना है कि शासन को मानदेय में और बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए। आधा दिन स्कूल में निकल जाता है। इसके अलावा वह कोई दूसरा काम नहीं कर पातीं।
शंभू नगर की रसोइया उमा का कहना है कि कम से कम मानदेय 3000 रुपये किया जाना चाहिए। बढ़ती महंगाई में 2000 रुपये में घर का खर्च चलाना मुश्किल है।