बसपा के बाद अब सपा सरकार ने भी 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की सिफारिश करते हुए गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है। बसपा पांच वर्ष पूर्व ही विधान सभा में इसका प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है। अब ऐन चुनाव के मौके पर प्रदेश की सपा सरकार ने भी कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सपा नेताओं ने इस पर प्रदेश सरकार की सराहना की झड़ी लगा दी है।
प्रदेश में 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने को लेकर कई वर्षों से राजनीति हो रही है। बसपा सरकार ने इसके लिए विधान सभा में प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार को भेज दिया था। लेकिन केंद्र ने इसे स्वीकार नहीं किया। सपा इसे लेकर शुरू से ही राजनीति करती रही।
अब सरकार की विदाई की बेला में आचार संहिता लगने के चंद दिनों पूर्व बृहस्पतिवार को प्रदेश कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। एक बार फिर यह केंद्र सरकार के पाले में भेजी जा रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यह काम आसान नहीं है। आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट भी इसमें दखल दे सकती है।
उधर, सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद विशंभर प्रसाद निषाद शुरू से ही इन 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की वकालत और पैरवी करते रहे हैं। अब प्रदेश के मंत्रिमंडल द्वारा इसे मंजूर किए जाने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि निषाद, कश्यप, कहार, प्रजापति, धुरिया, बाथम, बिंद, मांझी, मल्लाह, चीपर, राजभर आदि को एससी में शामिल किए जाने का निर्णय सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का सराहनीय कदम है।
कहा कि बसपा सरकार में साजिश के तहत बसपा मुखिया ने कोर्ट से इस पर रोक लगवाई थी। केंद्र की कांग्रेस और भाजपा सरकार ने सपा की यह मांग पूरी नहीं की। उन्होंने खुद राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से मांग की थी। सपा जिला महासचिव राजेंद्र यादव ने भी मुख्यमंत्री के फैसले की भी सराहना की।
उधर, सपा मजदूर सभा जिलाध्यक्ष लालेंद्र धुरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश मंत्रिमंडल के फैसले पर खुशी जताई गई। कहा कि यह जातियां अब सपा के साथ रहेंगी। बैठक में हर्षित धुरिया, रतनलाल, राजाराम, सुरेश धरिया, शिव कुमार धुरिया, अजय कुमार धुरिया, संतोष धुरिया आदि शामिल रहे।
उधर, अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष और सपा जिला प्रवक्ता रामपाल प्रजापति ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव पास कराकर मुख्यमंत्री ने पिछड़ी जातियों के हमदर्द होने का एक और सुबूत दिया है। महासंघ की बैठक में इसकी सराहना की गई। सांसद विशंभर निषाद, मंत्री शंखलाल माझी और मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी सराहाना गया। बैठक में बीएल प्रजापति, राजेंद्र, अशोक, बद्री प्रसाद, केशव, मैकूलाल, जसवंत, वरदानी, छोटेलाल आदि प्रजापति समाज के लोग शामिल रहे।