बाबूलाल चौराहे पर अन्ना मवेशियों का झुंड।
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किसानों की आफत बने अन्ना मवेशी अब शहर के राहगीरों के लिए बवालेजान बने हैं। आसपास गांवों के किसानों ने मवेशियों को शहर की सड़क पकड़ा दी। नतीजे में हर सड़क और गली में झुंड मंडरा रहे हैं। कई बार सड़कों पर जाम की नौबत आ जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में 3 लाख 46 हजार 945 अन्ना मवेशी हैं। सबसे ज्यादा चित्रकूट जनपद में अन्ना हैं। शहर में लगभग 8000 से ज्यादा जानवर विचरण कर रहे हैं।
बुंदेलखंड में अन्ना जानवरों का ज्यादा आतंक है। इनके झुंड खेतों में धावा बोलकर फसलें सफाचट कर देते हैं। काफी तादाद में फसलें मवेशियों के पैरों तले रौंदने से भी चौपट हो जाती हैं। कई गांवों में किसानों ने अपनी फसल बचाने के लिए मचान बना लिए तो कहीं चहारदीवारी या कंटीले तारों में मवेशियों को कैद कर दिया गया।
लेकिन शहर से सटे गांवों के किसानों ने अपनी आफत को शहर की सड़क पकड़ा दी। हजारों की संख्या में अन्ना मवेशी सड़कों पर धमाचौकड़ी कर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह मवेशियों के झुंड का कब्जा होने से राहगीरों का चलना दूभर है। जाम की भी नौबत आ जाती है।
पशु पालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंडल के चारों जनपदों में 3,46,945 अन्ना मवेशी हैं। बांदा में 81,495, चित्रकूट में 1,10,000, महोबा में 85,000 और हमीरपुर में 70,450 अन्ना जानवर हैं। इनमें गांवों से खदेड़े गए करीब आठ हजार से ज्यादा मवेशी शहर में घूम रहे हैं।
एडीएम गंगाराम गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार की योजना के तहत गांवों में कांजी हाउस बनने हैं। लेकिन आचार संहिता के चलते काम नहीं हो सका। 15 मार्च के बाद योजना के तहत कार्य कराए जाएंगे। शहर के जानवरों को भी पास के गांवों में बनने वाले कांजी हाउस में रखा जाएगा। उनके चारा-पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।