नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने विधायक दलजीत सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 15 मार्च की तिथि निर्धारित की है। इन दोनों को एनजीटी ने अवैध खनन मामले में मंगलवार (7 मार्च) को तलब किया था। दोनों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता एनजीटी में पेश हुईं और दो हफ्ते का समय मांगा।
बांदा और मध्य प्रदेश की सरहद पर नरैनी क्षेत्र में केन नदी तथा बागै नदी में अवैध खनन मामले की सुनवाई एनजीटी में चल रही है। यूपी-एमपी के लगभग ढाई दर्जन लोग इसमें वांछित हैं। इन सभी को नोटिस जारी की जा चुकी है। पिछली 24 जनवरी 2017 को एनजीटी ने बांदा जनपद के तिंदवारी क्षेत्र से विधायक दलजीत सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि तथा सपा नेता लाखन सिंह को भी नोटिस जारी कर तलब किया था।
इन दोनों को नेताओं को बांदा के पूर्व पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय द्वारा बांदा जिलाधिकारी को पिछले वर्ष अक्तूबर माह में भेजे गए पत्र के आधार पर नोटिस जारी की है। मंगलवार को इन दोनों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की वरिष्ठ महिला अधिवक्ता एनजीटी में पेश हुईं और जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा। लेकिन सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने 15 मार्च निर्धारित कर दी।
उधर, अवैध खनन के अन्य आरोपी राजबहादुर यादव (प्रीतम पुरवा, छनिहा पुरवा, नरैनी) और जय सिंह शेखावत (नसैनी घाट) तथा यशवंत पटेल एनजीटी में हाजिर नहीं हुए। राजबहादुर और जय सिंह के बारे में बताया गया कि उन्हें पुलिस नोटिस तामील नहीं करा पाई है। इन सभी की अगली सुनवाई भी अब 15 मार्च को होगी।