बांदा। आम बजट से एक बार फिर व्यापारियों और कारोबारियों की उम्मीदें जाग उठी हैं। उन्हें भरोसा है कि 1 फरवरी को लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट में उनकी अबकी जरूर सुनवाई होगी। हालांकि पिछले वर्ष भी व्यापारियों ने कमोवेश यही फरियादें केंद्र सरकार से की थीं, लेकिन मायूसी हाथ लगी।
जीएसटी ने व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। उम्मीद है कि हमारी इस फरियाद को अबकी आम बजट में सुना जाएगा। साथ ही जीएसटी में रियायत और आयकर का दायरा बढ़ाया जाएगा। ऑनलाइन व्यापार पर भी सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।-सत्यप्रकाश सराफ, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल, बांदा।
जीएसटी में प्रत्येक माह रिटर्न दाखिल करना खासी मुसीबत पैदा कर रहा है। दैनिक ब्योरा लेने के बजाय कम से कम तिमाही अवधि तय की जाए, ताकि व्यापारियों को रोजाना कागजी लिखा-पढ़ी और हिसाब-किताब की माथापच्ची से राहत मिले और व्यापार पर ध्यान दे सकें। -विष्णु गुप्ता, गल्ला व्यापारी, बांदा।
पहले केवल रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स था, जिससे आम लोगों पर ज्यादा भार नहीं पड़ता था। अब सभी कपड़ों पर टैक्स लगा दिए जाने से हर वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। लोग परेशान हो रहे हैं। टैक्स घटाना चाहिए और ऑनलाइन व्यापार पर प्रतिबंध लगना चाहिए।-अमित गुप्ता उर्फ रामू, कपड़ा व्यवसायी, तिंदवारी।
टैक्स अधिक होने से कारोबार बहुत ही प्रभावित है। बंदी के कारण व्यापारी परेशान हैं। हर माह माल लेने कानपुर, दिल्ली जाना होता है। ऐसे में ट्रेन में भी व्यापारियों को रियायतें दिए जाने का केंद्र सरकार इस बजट में प्रावधान करे, जिससे कुछ राहत मिल सके।-प्रदीप कुमार गुप्ता, किराना व्यवसायी, अतर्रा।
इस बजट में व्यापारियों को उम्मीदें हैं। आनलाइन शॉपिंग व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। महंगाई पर भी अंकुश लगना जरूरी है। व्यापारिक नीतियों में बुनियादी बदलाव की जरूरत है, लेकिन सरकार का बजट यही रहता है कि नई बोतल में पुरानी शराब।-शिवनारायण शिवहरे, गल्ला व्यापारी, नरैनी।
महंगाई का सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। आम बजट में महंगाई कम करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस उपाय करना चाहिए। व्यापारियों पर थोपे गए कई टैक्सों पर पुनर्विचार कर इन्हें वापस लिया जाए या फिर कम किया जाए। इससे आम लोगों को भी राहत मिलेगी।-लक्ष्मीनारायण गुप्ता, कपड़ा व्यापारी, बबेरू।
शिवनारायण शिवहरे।- फोटो : BANDA
सत्यप्रकाश- फोटो : BANDA
विष्णु गुप्ता।- फोटो : BANDA