बिजली विभाग के मुख्य अभियंता और उप खंड अधिकारी के अलावा एक तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर इन तीनों को गिरफ्तार कराकर 24 अगस्त को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के बरगहनी गांव निवासी वंशगोपाल यादव ने 27 जनवरी 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा अखिलेश यादव (16) शाम 4 बजे शौच के लिए गया था। रास्ते में 11 हजार वोल्ट के जमीन पर पडे़ तार के करंट की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता फेरू लाल और उप खंड अधिकारी प्रेमचंद्र के खिलाफ धारा 304 ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की। फेरूलाल इस समय झांसी में मुख्य अभियंता हैं। प्रेमचंद्र अलीगढ़ में तैनात हैं। अदालत ने दोनों को कई बार सम्मन भेजा पर वह पेशी पर नहीं आए।
बुधवार को द्वितीय एसीजेएम तबरेज अहमद ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर दोनों अभियंताओं को गिरफ्तार कराकर 24 अगस्त को न्यायालय में पेश करने को कहा है।
उधर, चिल्ला थाना क्षेत्र के पूर्व थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी इसी अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। चिल्ला में तैनाती के दौरान जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने 6 जुलाई 2007 की रात पलरा गांव निवासी बनवारीलाल गुप्ता को यह कहकर पकड़ा था कि नकली नोट की गड्डी दे।
व्यापारी ने इससे इंकार किया। इस पर थानाध्यक्ष ने उसे पीटा। उसका बायां पैर टूट गया। कान का पर्दा फट गया। अदालत के आदेश पर थानाध्यक्ष के खिलाफ 325, 323, 504, 506 की रिपोर्ट दर्ज हुई।
अदालत से कई सम्मन थानाध्यक्ष को भेजे गए पर एसओ अदालत नहीं आए। कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि आरोपी जितेंद्र कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कराकर 24 अगस्त को अदालत में पेश कराएं।