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जीएसटी में नहीं हुआ बदलाव, व्यापारी निराश

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No change in GST, traders disappointed - फोटो : BANDA
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बांदा। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर व्यापारियों, युवाओं, कर्मचारियों और गृहिणियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। किसी ने मजबूत अर्थव्यवस्था तो किसी ने चुनावी बजट बताया। जीएसटी में कोई कटौती न किए जाने से व्यापारियों में निराशा है।
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कपड़ा व्यापारी जीएसटी घटाकर पांच फीसदी की मांग कर रहे थे। इनकम टैक्स स्लैब में भी कोई राहत नहीं मिली। डिजिटल करेंसी के एलान और युवाओं को नौकरी के प्रावधान पर युवाओं ने खुशी जताई है। केंद्र सरकार के बजट पर पेश है लोगों के ‘मन की बात’।
नौकरीपेशा को इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और आयकर सीमा में विस्तार की उम्मीद थी, पर इसमें सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया। इससे कर्मचारियों में निराशा है। -मूलचंद्र पटेल, प्रांतीय ऑडिटर, लेखपाल संघ
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टैक्स स्लैब में कम से कम पांच लाख तक की आय में राहत होनी चाहिए। हालांकि केंद्रीय बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। -राकेश कुमार बुंदेला (जिला मंत्री, लेखपाल संघ)
बजट में महंगाई कम न होने से गृहिणियों को राहत नहीं मिली। रसोई और सौंदर्य प्रसाधनों की चीजों के दाम कम होने चाहिए। बुनियादी ढांचे को विस्तारित करने पर ही फोकस है। -नीलम गुप्ता (अतर्रा चुंगी, बांदा)
बजट लोकलुभावन है। खुदरा व्यवसायियों के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया। ऑनलाइन शापिंग से खुदरा व्यवसाय को नुकसान पहुंच रहा है। कपड़े पर जीएसटी कम होना चाहिए था। -अवधेश रूपानी, पूर्व उपाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल, बांदा।
आत्मनिर्भर भारत की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला बजट है। 25 हजार किमी सड़कों का निर्माण, सिंचाई, आवास और वंदेमातरम ट्रेन से पूरे भारत को जोड़ना आदि योजनाएं आधुनिक भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगी। -आलोक कुमार पांडेय (कैलाशपुरी)
बजट में पूंजी बढ़ाने का प्रयास है। डिजिटल करेंसी लागू किए जाने के प्रावधान से भ्रष्टाचार और कालेधन की जमाखोरी पर रोक लगेगी। बजट में 60 लाख नौकरियां देने के प्रावधान से शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार की उम्मीदें बढ़ीं हैं। -करुणेश प्रजापति (बलखंडी नाका)
सरकार से उम्मीद थी कि आवश्यक वस्तुओं को सस्ता किया जाएगा। खाद्य तेल व अन्य जरूरी वस्तुएं सस्ती होंगी, लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रावधान नजर नहीं आया। ऐसे में बजट निराश करने वाला रहा है।-गृहणी भारती गुप्ता (मढ़िया नाका)
केंद्र सरकार के आम बजट में दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली रोजमर्रा की चीजों को भी सस्ता किया जाना चाहिए था। बचत योजनाओं में ब्याज दर पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। -गृहणी सुमति वर्मा (बिजली खेड़ा)

No change in GST, traders disappointed- फोटो : BANDA

No change in GST, traders disappointed- फोटो : BANDA

No change in GST, traders disappointed- फोटो : BANDA

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