निर्मल भारत अभियान में भारी भरकम बजट अधिकारी खर्च नहीं कर पा रहे। करोड़ों रुपये विभाग के खातों में डंप हैं। उधर, निर्माण में देरी से शौचालय की लागत बढ़कर 12 हजार रुपये हो गई। अब अधिकारी बची हुई रकम इंदिरा आवासों के शौचालय के लिए कम बता रहे हैं।
निर्मल भारत अभियान के लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए। वर्ष 2013-14 की अवशेष धनराशि 1124.07 लाख विभाग के पास थी। चालू वित्तीय वर्ष में 61 लाख रुपये अवमुक्त होने के बाद कुल रकम 1185.07 लाख रुपये हो गई। डीपीआरओ कार्यालय से चालू वित्तीय वर्ष में 3909 स्वच्छ शौचालयों को धनराशि जारी की गई।
उधर, शासन द्वारा शौचालय की लागत बढ़ाकर 12 हजार किए जाने से विभाग पर और बोझ बढ़ गया। डीपीआरओ रणधीर सिंह का कहना है कि अभी उन्हें 8000 इंदिरा आवासों के लिए शौचालय उपलब्ध कराना है।
बढ़ी लागत के आधार पर इन पर 9.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जो शौचालय अधूरे हैं उन्हें भी 7400 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। अभी तक लाभार्थी को निर्मल भारत अभियान से 4600, मनरेगा से 5400 और लाभार्थी अंश 900 रुपये देना पड़ता था।
अब 12000 रुपये निर्मल भारत अभियान के तहत दिए जाएंगे और लाभार्थी को कोई अंशदान नहीं देना होगा। साथ ही उसे और बेहतर मनमुताबिक शौचालय बनाने की छूट होगी।