पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ, ऑयल एंड पेट्रोलियम मंत्रालय के पखवारे के तहत ईंधन बचाने के तरीके सुझाए गए। वाहन चलाने के सही तरीके, रखरखाव आदि पर ध्यान देने के साथ वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
मवई स्थित पेट्रोल पंप में बुधवार को आयोजित गोष्ठी में पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने और फिजूल खर्ची से बचने पर मंथन किया गया। इस मौके पर मंडलायुक्त मुरलीधर दुबे ने कहा कि जिस गति से देश का विकास हो रहा है, उसी रफ्तार से तेल व गैस की खपत बढ़ती जा रही है। यह दोनों ही चीजें कीमती हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश को ईंधन के लिए भारी रकम चुकानी पड़ती है इसलिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करके इसका महत्व समझाना चाहिए। इंडियन ऑयल के सिद्धार्थ स्वरूप ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन सीमित मात्रा में हैं। अंधाधुंध दोहन से ये शीघ्र समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने सलाह दी कि वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों पर निर्भर रहकर हम पेट्रोलियम पदार्थों के खर्च मेें कमी ला सकते हैं। घरों में भोजन पकाने के लिए प्रेशर कुकर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। पेट्रोलियम डीलर संजय गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपने पंप में सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाया है। यह घरों के लिए भी फायदेमंद है।
गोष्ठी का संचालन कर रहे अभिषेक कुमार गुप्ता (बबेरू) ने कहा कि वाहनों का मेंटीनेंस ठीक रखा जाए तो पेट्रोल और डीजल काफी बचाया जा सकता है। गोष्ठी में रत्नेश गुप्ता, नागेंद्र सिंह, भक्ति शरण त्रिपाठी, सत्येंद्र शुक्ला, संतोष सिंह, भोला पटेल, अयोध्या पटेल, अरुण गुप्ता, सुनील गुप्ता आदि डीलर और अजय सिंह, राजेश सिंह व अशोक सिंह कांटेक्टर शामिल रहे।