बांदा। लॉकडाउन-2 में भी दूसरे राज्यों से मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को करीब 9 मजदूर विभिन्न साधनों से यहां पहुंचे। जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। उधर, कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। सीएमओ का कहना है कि बाहर से आने वालों की जानकारी छिपाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
कई दिनों से पलायित मजदूरों के घर लौटने का सिलसिला थमा था, लेकिन लॉकडाउन बढ़ने के साथ आर्थिक संकट और अन्य मजबूरियों के चलते दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर लुकेछिपे घरों को लौट रहे हैं। शुक्रवार को चित्रकूट और फतेहपुर जा रहे नौ युवकों ने जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया। हालांकि वे सभी सामान्य थे। एहतियात के तौर पर डाक्टरों ने उन्हें 14 दिनों तक क्वारंटीन की सलाह दी।
उधर, सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाया गया है। शासन ने घर से बाहर निकलने पर मॉस्क लगाना अनिवार्य किया है। दूसरे राज्यों से आने वालों को रोकने के लिए सीमाएं सील की गई हैं। बाहर से आने वालों को लेकर ज्यादा सतर्कता है।
सूचना मिलने पर बाहर से आए लोगों की जांच कराई जाएगी। 14 दिनों तक होम क्वारंटीन के साथ सर्विलांस पर भी रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आने वाले अपनी पहचान न छिपाएं। स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें, ताकि उसकी जांच कराई जा सके। हिदायत दी कि किसी ने जानकारी छिपाई तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुटाएंगी दूसरे प्रांतों से आने वालों की जानकारी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारियों को गैर प्रांतों से लौटे लोगों की जानकारी हासिल करने का जिम्मा सौंपा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने बताया कि जिले की 2000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पोषाहार वितरण की जिम्मेदारी दी गई है।
गर्भवती, धात्री व बच्चों को पुष्टाहार वितरण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका गैर प्रांत से आने वाले लोगों की भी सूचनाएं इकट्ठा करेंगी। लाभार्थियों के घर पुष्टाहार पहुंचाया जाएगा। पोषाहार वितरण के दौरान सामाजिक दूरी बनाने और कोरोना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन पर संपर्क करने पर जोर दिया जाएगा।