New teachers not getting salary due to lack of verification
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बांदा। 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती में बांदा जिले में हाल ही में नियुक्त किए 217 अध्यापकों के सेवा संबंधी अभिलेखों का सत्यापन दो माह बाद भी नहीं हो पाया। ये अभिलेख अध्यापकों से काउंसलिंग में जमा कराए गए थे। ऐसे में अध्यापकों को वेतन नहीं मिल रहा, जबकि पड़ोसी जिलों में सत्यापन कराकर अध्यापकों को वेतन दे दिया गया है।
नवनियुक्त अध्यापकों ने शनिवार को बीएसए हरिश्चंद्र नाथ को उनके कार्यालय में 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। कहा कि उनकी भर्ती तीन चरणों क्रमश: 16 अक्तूबर, 2 नवंबर और 7 दिसंबर को हुई है, लेकिन अभिलेखों के सत्यापन की कार्रवाई अब तक नहीं शुरू हुई।
अध्यापकों ने हवाला दिया कि मैनपुरी, बहराइच, सहारनपुर, श्रावस्ती, महोबा, कानपुर आदि जिलों में तेजी से सत्यापन कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर वेतन भी मिल चुका है। विभाग की इस हीलाहवाली से प्रदेश सरकार द्वारा पारदर्शिता के साथ की गई भर्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
अध्यापकों को वेतन न मिलने से आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है। अध्यापकों ने बताया कि बीएसए ने एक हफ्ते के अंदर सत्यापन शुरू कराने का भरोसा दिलाया है।