फोटो - 01 शहर स्थित एक घर की छत पर लगा सोलर पैनल। संवाद
- फोटो : महसी के बसौनामाफी में वन विभाग द्वारा पकड़ा गया बाघ।
बांदा। जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर लोगों में उत्साह है। नेडा (नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) के परियोजना अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 1057 उपभोक्ताओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अब तक 1500 से अधिक लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का डेढ़ गुना है। विभाग को अब वर्ष 2026-27 तक 4555 उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का नया लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
इस योजना के तहत निजी आवासों में ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाते हैं। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। सबसे पहले, उपभोक्ता को ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसके बाद एक वेंडर का चयन किया जाता है जो इंस्टॉलेशन की पूरी प्रक्रिया को संभालता है। पेमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बिजली विभाग नेट मीटरिंग करता है और फिर सिस्टम को चालू किया जाता है। इंस्टॉलेशन पूरा होने पर, वेंडर सब्सिडी के लिए आवेदन करता है, जो केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
सब्सिडी से उपभोक्ताओं को राहत
क्षमता (किलो वाट)
कुल लागत (अनुमानित)
केंद्र की सब्सिडी
प्रदेश की सब्सिडी
कुल सब्सिडी
1 किलो वाट
60,000 रुपये
30,000 रुपये
15,000 रुपये
45,000 रुपये
2 किलो वाट
1,20,000 रुपये
60,000 रुपये
30,000 रुपये
90,000 रुपये
3 से 10 किलो वाट
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1,08,000 रुपये