बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में 300 बेड का अस्पताल
तो शुरू हो गया, किंतु व्यवस्थाएं अधूरी हैं। मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी
स्कैन इत्यादि सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उधर, सपा विधायक विशंभर सिंह
यादव ने शुक्रवार को मेडिकल कालेज का जायजा लिया।
बुधवार को मेडिकल
कौंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था।
कौंसिल से मेडिकल कालेज को मान्यता मिलनी है।
टीम को व्यवस्था
चुस्त-दुरुस्त और मानक पूरे दिखाने के लिए आनन-फानन मेडिकल कालेज के पूरे
विभाग चालू कर दिए। कालेज में 300 बेड का अस्पताल भी है। मरीज भर्ती भी किए
जा रहे हैं। इन दिनों 44 मरीज भर्ती हैं। सितंबर में 20 बेड के साथ आईपीडी
शुरू हुई थी।
उधर, एमसीआई टीम के साथ बुधवार को यहां आए प्रदेश के
महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) डा. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि कालेज किंग
जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया गया है।
बताया कि एमसीआई के मुताबिक मेडिकल कालेज के मानक पूरे हैं। मान्यता मिलते ही एमबीबीएस कक्षाएं इसी वर्ष शुरू हो जाएंगी।
उधर, शुक्रवार को विधायक विशंभर सिंह यादव मेडिकल कालेज पहुंचे। प्रधानाचार्य डॉ. एसके आर्य से मिलकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
एमसीआई
टीम के निरीक्षण के बारे में भी बातचीत की। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव बांदा मेडिकल कालेज के प्रति गंभीर हैं।
जो भी मांग यहां से जाएगी, वे पूरी करेंगे। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर वे डाक्टरों की कमी दूर करने का अनुरोध करेंगे।