बांदा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को
राज्य कर्मचारी का दर्जा चाहिए। साथ ही प्रमोशन भी। मंडल स्तरीय अधिवेशन
में यह मुद्दा छाया रहा। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट में
रिट दायर की है। अब कार्यकत्रियों का कोई शोषण नहीं कर पाएगा।
शुक्रवार
को मैरिज हाल में चित्रकूटधाम मंडल स्तरीय अधिवेशन अखिल भारतीय आंगनबाड़ी
कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां और
सहायिकाएं शामिल हुईं।
प्रदेशाध्यक्ष सावित्री चौधरी ने कहा कि
प्रदेश की लगभग चार लाख आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा
और प्रमोशन के लिए हाईकोर्ट में रिट दायर की है।
बताया कि 15
फरवरी को जंतर-मंतर दिल्ली में दो दिवसीय धरना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष
अरविंद तिवारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की
महत्वपूर्ण भूमिका का केंद्र और प्रदेश सरकार को एहसास है। इसके बाद भी कम
मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान
किया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवकुमार तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार
आईसीडीएस के स्वरूप को बदलने की तैयारी कर रही है। इसका दूरगामी प्रभाव
कार्यकत्रियों और सहायिकाओं पर पड़ेगा।
अधिवेशन की अध्यक्षता महासंघ
की प्रदेश उप संगठन मंत्री और चित्रकूटधाम मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा ने की।
बांदा जिलाध्यक्ष रजनी मरजीना ने आभार जताया।
संचालन पंकज रावत ने
किया। प्रदीप कुमार वर्मा ने धन्यवाद दिया। सुधीर सिंह, कौशिल्या देवी,
मंजू सिंह, विमला देवी, किरन सेठी, सुषमा श्रीवास्तव, शोभा श्रीवास्तव,
माया वर्मा, अनुभा श्रीवास्तव, सबीहा खातून, निर्मला देवी ने भी संबोधित
किया।