बेंदा। सुरक्षित प्रसव के लिए तमाम सरकारी योजनाओं की पोल खोलने वाली घटना में एक प्रसूता को जान से हाथ धोना पड़ा। परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एएनएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के माटा गांव निवासी प्रेम कुमारी (28) पत्नी दिनेश यादव को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तिंदवारी में भर्ती कराया गया। यहां उसने बालिका को जन्म दिया। इसी के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।
पति ने एएनएम विजय लक्ष्मी को सूचना दी। एएनएम ने पर्चे में दवाएं लिखकर बाहर से खरीदने को कहा। मेडिकल स्टोर बंद होने से दवा नहीं मिली। पति का आरोप है कि एएनएम ने उससे दो हजार रुपये की मांग कर दवा मुहैया कराने का भरोसा दिया।
रुपये देने में असमर्थता जताने पर एएनएम बिना इलाज किए लौट गई। इसी बीच कुछ देर में पीएचसी के चिकित्सक डॉ. जेपी वर्मा आ गए। दिनेश ने उन्हें पूरी घटना बताई। इस पर डॉ. वर्मा ने प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
उधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. नरेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने एएनएम विजय लक्ष्मी से दो दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति करेंगे।
पूर्व प्रधान विवेक सिंह ने घटना की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस वाजपेयी को दी। सीएमओ का कहना है कि मामला उनकी संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।