बांदा। कन्नौज से बांदा जिला जेल लाए गए गैंगस्टर नवाब से सोमवार को उसके बेटे, भाई और एक दोस्त ने मुलाकात की। सघन तलाशी के बाद तीनों को कारागार के अंदर प्रवेश दिया गया। बैरक में 30 मिनट तक परिजनों और गैंगस्टर के बीच बातचीत हुई।
शनिवार की सुबह पूर्व ब्लाक प्रमुख और गैंगस्टर नवाब सिंह यादव को जिला कारागार में दाखिल कराया गया था। उसे एकल बैरक में रखा गया है। सोमवार को गैंगस्टर के भाई शिवपाल और बेटे वर्धन समेत दोस्त इंद्रेश मुलाकात करने के लिए पहुंचे। तीनों लोगों ने जेल मैनुअल का पालन करते हुए पर्ची बनवाई। बैरक में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और एलआईयू की मौजूदगी में 30 मिनट तक गैंगस्टर और परिजनों के बीच बातचीत हुई। डिप्टी जेलर राजेश मौर्या ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार ही मुलाकात कराई गई।
- ठिकाना बदलने से बेचैन रहा नवाब
जेल सूत्रों के अनुसार नवाब बैरक में पूरी नींद सो नहीं पा रहा। रविवार की रात को वह बेचैन रहा। करवटें बदलने के साथ ही बैरक में चहलकदमी भी की। जेल अधिकारियों के मुताबिक कन्नौज से बांदा जेल लाए जाने के बाद गैंगस्टर ठीक तरह से खाना भी नहीं खा रहा है। जेलर के मुताबिक कारागार आने वाले बंदी की काउंसिलिंग की जाती है, ताकि वह तनाव में न रहे। नवाब की भी काउंसिलिंग की जा रही है। उसकी हर एक हरकत पर निगाह है।
- छह लोग आए थे, तीन को मिली अनुमति
गैंगस्टर से मुलाकात करने के लिए सोमवार को छह लोग आए थे। जेल प्रशासन की ओर से मात्र तीन लोगों को ही कारागार के अंदर प्रवेश दिया गया।