मृतक नत्थू की विधवा को पांच लाख रुपये का चेक सौंपते नरैनी एसडीएम सीएल सोनकर व तहसीलदार राजेंद्र कुमार मिश्रा।
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बांदा। भूखे पेट मौत के मुंह समाए मूंगुस पुरवा के दलित नत्थू के परिजनों को अंतत: सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये का चेक मिल गया। प्रशासन को एक महीने बाद चेक देने की सुध तब आई जब बृहस्पतिवार को अमर उजाला मेें हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर खबर छपी। देर शाम नरैनी उप जिलाधिकारी ने मृतक नत्थू के घर जाकर उनकी विधवा को चेक सौंपा।
नत्थू की मौत के पांच दिन बाद डीएम और सपा जिलाध्यक्ष ने मूंगुस पुरवा स्थित घर जाकर मुख्यमंत्री की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की जानकारी दी थी। लखनऊ में भी प्रदेश सरकार की ओर से पांच लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की गई थी लेकिन इसके बाद शासन और प्रशासन ने चुप्पी साध ली।
इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट नेता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। हाईकोर्ट ने बांदा डीएम को आदेश दिया था कि मदद संबंधी मांग या ज्ञापन पर दो हफ्ते के अंदर कार्रवाई करके मुआवजे का मामला निपटा दें। यह खबर ‘अमर उजाला’ में बृहस्पतिवार को प्रथम पृष्ठ पर प्रमुखता से छपी।
इसी दिन शाम को नरैनी एसडीएम सीएल सोनकर और तहसीलदार राजेंद्र कुमार मिश्रा मूंगुस पुरवा पहुंचे और नत्थू की विधवा मुन्नी देवी को चेक सौंपा। देर शाम यहां एडीएम गंगाराम गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक मृतक आश्रितों को यह मदद दी गई है।