बांदा। कालिंजर पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार यहां 21
फरवरी को होगा। इसका विषय ‘हिस्ट्री एंड आर्कियोलाजी आफ कालिंजर फोर्ट’
निर्धारित किया गया है। आयोजन बुंदेलखंड टूरिज्म और इंटेक द्वारा किया जा
रहा है।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में इंटेक की सांस्कृतिक सचिव
आशा सिंह ने बताया कि कालिंजर का ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व पर होने
वाला यह नेशनल सेमिनार रविवार को सुबह 10.30 बजे से केसीएनआईटी के
कान्फ्रेंस हाल में होगा।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में होटल
मैनेजमेंट एंड टूरिज्म के विभागाध्यक्ष डा.ओपी कंडारी मुख्य रूप से शामिल
होंगे। बताया कि अन्य वक्ताओं में प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. योगेंद्र
नारायण, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. जेएन पांडेय व छेदीलाल
दुबे, सागर विश्वविद्यालय के डॉ. केएल अग्रवाल, भारतीय पुरातत्व संस्थान,
भोपाल के डॉ. राजेंद्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, झांसी डॉ. सुरेश
दुबे, अलीगढ़ विश्वविद्यालय के डॉ. विनोद सिंह, पूर्व पुलिस आईजी डॉ. एके
सिंह, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. कामेश थापक और डॉ. अवनीश
मिश्रा (मऊ) शामिल हैं।
बुंदेलखंड टूरिज्म की ओर से प्रद्युम्न
कुमार दुबे (लालू) एवं अशोक त्रिपाठी जीतू ने बताया कि सेमिनार से
बुंदेलखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलने पर मंथन होगा। समाजसेवी उमाशंकर
पांडेय, दीवारी नृत्य कलाकार रमेश पाल, वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार खरे आदि
सम्मेलन में सहभागी होंगे।